फर्जी रॉयल्टी काटकर उठा रहे दूसरे डंप से रेत, पॉवरमेक कंपनी फसी अपने जाल में

भिण्ड.ShashikantGoyal/ @www.rubarunews.com>> जिले में पॉवरमेक प्रोजेक्ट्स लिमिटेड कंपनी ने रेत का ठेका लिया है पिछले दिनों शासन से कुछ शर्तों को लेकर पावर कंपनी की बिगड़ गई, जिसके बाद शासन ने उनका ठेका निरस्त कर दिया। हालांकि बाद में शासन स्तर से उन्हें डंप से रेत उठाने की अनुमति प्रदान कर दी गई। ऐसे में कंपनी अब डंप रेत उठाकर बेच रही है। विगत दिनों पावर मेक कंपनी की गाडियों को कनकूरा के निकट स्थित माइनिंग नाके पर प्रशासन ने रोक लिया गया, जिसके बाद यह विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। जिसका वीडिय़ो सोशल मीडिया पर कांग्रेस के जिला प्रवक्ता अनिल भारद्वाज ने वायरल कर दिया, जिसमें पॉवरमेक कंपनी की नीति समझ में आ गई कि किस तरह से कहीं की रॉयल्टी काटकर कहीं से रेत का अवैध खनन करने में लगे हुए हैं। रात होते ही पॉवरमेक कंपनी के गुर्गे सक्रिय हो जाते हैं और लहार क्षेत्र के मटियावली, अजनार और पर्रायंच आदि जगह से रेत डंप उठा रहे हैं और कहीं की रॉयल्टी पर कहीं से रेत उठाव किया जा रहा है। तो उधर ग्राम पंचायत सरपंच ने कार्यपालन संचालक मप्र राज्य खनिज निगम भोपाल से शिकायत की कि पॉवरमेक कंपनी के ठेकेदार ग्राम गुरीखा में रेत डंप करवाया था और रेत खेत में ही पड़ा हुआ है पिछले दो महिने से एक भी ट्रक या डंपर रेत वहां से नहीं भरवाया गया है और सिंध नदी के आसपास लहार क्षेत्र की खदानों के आसपास इलाके से बिना रॉयल्टी के रेत उठाकर रात में सप्लाई किया जा रहा है रेत के इस अवैध खेल में पुलिस कर्मचारियों से लेकर थानेदार मिले हुए है जिनके पास समय से रुपये पहुंच रहा है इसलिए किसी वाहन को नहीं पकड़ रहे हैं जब मामले में सदर विधायक संजीवसिंह ने संज्ञान में लिया तो ऊमरी व कनकूरा के पास से कुछ डंपर पकड़कर खाना पूर्ति की गई, जिनको भी सांठगांठ के चलते छोड़ दिया गया।

विगत दिनों प्रशासन व डायरेक्टर के बीच हो चुकी बहस

ज्ञात हो कि विगत दिनों इटावा रोड पर कनकूरा के निकट स्थित खनिज विभाग के नाका पर प्रशासन और पावर कंपनी के डायरेक्टर के बीच विवाद हो गया। इस विवाद में पावर कंपनी के डायरेक्टर ने कहा कि उनके ड्रायवरों के साथ मारपीट की जा रही है। जबरन उन्हें परेशान किया जा रहा है। प्रशासन ने आरोप की सफाई देते हुए कहा कि कोई मारपीट नहीं की गई है। आप ड्रायवरों को सामने बुलाएं। दोनों में खूब गर्मागर्मी हुई। प्रशासनिक अधिकारी ने कहा (पावर कंपनी के मैनेजर) नाम नोट कर लोए अभी एफआईआर दर्ज कराते है, लेकिन बाद में ऐसा कुछ नहीं हुआ। वहीं इस पूरे विवाद का वीडियो रविवार की शाम कांग्रेस के प्रवक्ता अनिल भारद्वाज ने जारी कर दिया, जिसके बाद कार्रवाई करने पहुंचे अधिकारियों पर जवाब देते नहीं बन रहा था।

पॉवरमेक कंपनी का टेंडर खत्म, फिर भी उठा रहे अवैध तरीके से रेत

जिले में पावर मेक कंपनी का टेन्डर खत्म हो गया तो कंपनी खनिज विभाग के अधिकारियों से मिलकर डंप रेत का अवैध परिवहन करने में लगी हुई है और रात के समय पुलिस इस अवैध रेत खनन में पूरी मदद कर रही है। इस बात की पुष्टी खुद ट्रक ड्राइवर ने कर दी है। वीडियों में ट्रक ड्राइवर ने साफ  कह दिया हैं कि वह गोहद के बजाय मटियावली से रेत भरकर ला रहे है। इस बाद से तो साफ  हो जाता है, कि पावर मेक कंपनी अवैध परिवहन करा रही है। जिसके चलते प्रशासन से कार्यवाही की। अब एक बात और गौर करने लायक है कि जब प्रशासन ने 3 ट्रकों को पकड़ लिया तो फिर वैधानिक कार्यवाही क्यों नहीं की। इसका सीधा कारण है कि कंपनी खनिज विभाग के अधिकारियों को पैसा देती है।

विधायक के हस्तक्षेप के बाद लिया कंपनी पर एक्शन

लंबे समय से सदर विधायक संजीवसिंह कुशवाह को शिकायते मिली रही थी कि कंपनी के ठेकेदारों द्वारा अवैध तरीके से रेत का परिवहन कराया जा रहा है जहां रेत डंप करने की परमिशन है वहां से न उठाकर लहार क्षेत्र के मटियावली, अजनार, पर्रायंच आदि जगह से रेत डंप से भरकर रात में सप्लाई करायी जा रही है तो उन्होंने मामले में एक्शन लेते हुए एसडीएम उदयसिंह सिकरवार व ऊमरी थाना पुलिस को बताया, जिसके बाद रात में अवैध रेत की गाडिय़ां पकड़ी गई, जिसमें रॉयल्टी मांगी तो गोहद की निकली, जबकि गाडिय़ा लहार की ओर से रेत भरकर ला रही थी।

इनका कहना है:

पूरे मामले की जांच कराई जा रही है जो भी गलत होगा उसके विरुद्ध एक्शन लिया जाएगा।

-डॉ सतीश कुमार एस, कलेक्टर भिण्ड