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नवल सागर किनारे उतरी राजस्‍थान की बहुरंगी सांस्कृतिक छटा

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- राजस्थान दिवस पर रविवार को नवल सागर के किनारे सजी सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाकारों ने रंगारंग प्रस्‍तुतियां दी। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई।

सांस्‍कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत में योगेंद्र मिश्रा ने पधारो म्हारे देश ….गीत की शानदार प्रस्‍तुति दी। इसके बाद लोक कलाकारों ने चरी नृत्य के साथ गोरबन्द , घूमर व कालबेलिया नृत्यों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी।

कुणाल गन्धर्व ने सर पर कलश रख भवाई नृत्य प्रस्‍तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। कलाकारों ने बन मोर रिझावै….नाच नाच नटवर मोर बिहारी…मोर बन आयो रसिया पर मयूर नृत्य की आकर्षक प्रस्‍तुतियां दी। प्रस्‍तुतियों की कड़ी में जो हैं अलबेला मद नैनो वाला…गीत पर फूलों की होली को दर्शकों ने खूब सराहा।
राजस्थान दिवस पर सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही कविता पाठ भी हुआ। कवि देश बन्धु दाधीच , पीयूष पाचक, तपन राज,आयुष मेहता ने राजस्थानी व देश भक्ति से ओतप्रोत कविताएं प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार दाधीच ने किया।

कार्यक्रम में नगर परिषद सभापति सरोज अग्रवाल, अतिरिक्‍त जिला कलक्‍टर सुदर्शन सिंह तोमर, नगर परिषद आयुक्‍त संतलाल मक्‍कड, जिला उद्योग एवं वाणिज्‍य विभाग के महाप्रबंधक संजय भारद्वाज, सहायक पर्यटन अधिकारी प्रेम शंकर सैनी ने शिरकत की।