रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के भैरूपुरा गांव को विस्थापित करने की तैयारी पूरी
बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व के कोर-1 में बसे भैरूपुरा गांव के विस्थापन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वन विभाग व जिला प्रशासन ने गांव के सर्वे की सूचियां जारी करने के साथ ही ग्रामीणों से स्वेच्छिक विस्थापन के लिए विकल्प फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गांव के 208 में से अब तक करीब 80 परिवारों ने नकद राशि का विकल्प वन विभाग को दिया है जिनकी जांच चल रही है और जल्दी ही पहली किश्त के रूप में तीन लाख रुपये खातों में डाले जायेंगे। इसके बाद विस्थापन की अन्य औपचारिकताएं पूरी कर दूसरी किश्त के रूप में साढ़े सात लाख रुपये खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। शेष साढ़े चार लाख रुपये की एफडी करवाई जाएगी। इसी प्रकार खटकड़ के भीमगंज व बाड़ा घूंधला आबादी को भी टाइगर रिजर्व से विस्थापित करने की कार्यवाही शुरू हो गई है। दोनों गांवों के भी विकल्प फॉर्म भरने शुरू हो गए हैं।
गुलखेड़ी के 2 परिवार नहीं छोड़ना चाहते गांव
टाइगर रिजर्व के गुलखेड़ी गांव को सबसे पहले विस्थापित किया जा रहा है जहां से 162 परिवार पूरी तरह गांव छोड़ चुके हैं। गुलखेड़ी में अभी भी 51 परिवार रह रहे हैं जिन्हें भूमि पैकेज का इंतजार है। इनमें से 33 परिवार ऐसे भी है जिन्हें प्रथम किश्त का भुगतान कर दिया लेकिन अभी तक उन्हें विस्थापित नहीं किया जा सका है। गुलखेड़ी में दो परिवार ऐसे भी है जिन्होंने विस्थापन का विकल्प नहीं भरा और गांव में ही रहना चाहते हैं।
आठ गांव के 2 हजार परिवारों को टाइगर रिजर्व से करना है विस्थापित
रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के कोर-1 में अभी 8 गांवों में करीब दो हजार परिवार निवास कर रहे है जिन्हें चरणबद्ध तरीके से जंगल से बाहर बसाने की योजना है। जिनमें जैतपुर रेंज में एक गांव भीमगंज व रामगढ़ रेंज में शेष 7 गांव आते हैं जिनमें केशवपुरा, भैरूपुरा, गुढ़ा मकदू, जावरा, जावरा की झोपड़ियां, गुलखेड़ी व बाड़ा धूंधला शामिल हैं। इन आठ गांवों में से अभी तक केवल गुलखेड़ी को ही आंशिक रूप से विस्थापित किया जा सका है।
ऐच्छिक है टाइगर रिजर्व से विस्थापन की प्रक्रिया, विकल्प चुनने की भी आजादी
रामगढ़ विषधारी के कोर क्षेत्र में बसे 8 गांवों का विस्थापन स्वेच्छिक प्रक्रिया है जिसमें ग्रामीणों को केश या भूमि पैकेज चुनने की आजादी है। केश पैकेज में प्रति परिवार तीन किश्तों में 15 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान है जिनमें साढ़े चार लाख की एफडी शामिल है। भूमि पैकेज में खाते की जमीन के अतिरिक्त जमीन की सिंचित या असिंचित किस्म के आधार पर करीब एक से डेढ़ हेक्टेयर जमीन व 3 लाख 70 हजार रुपये देने का प्रावधान है। जो काश्तकार वर्तमान में गांव में निवास नहीं करते लेकिन विस्थापित होने वाले गांव में खाते की जमीन है तो उन्हें नगरीय सीमा से दूरी के अनुसार डीएलसी दर से अधिक राशि का भुगतान किया जाएगा।
इनका कहना है
टाइगर रिजर्व के कोर-1 में बसे गांवों के विस्थापन की प्रक्रिया चल रही है। भैरूपुरा गांव के जो प्रस्ताव प्राप्त हुए है उन्हें प्रथम किश्त का भुगतान जल्दी ही करने का प्रयास कर रहें है।
– अरुण कुमार डी, उपवन संरक्षक एवं उपक्षेत्र निदेशक, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (कोर) बूंदी
