पीएम स्वनिधि योजना बनी वरदान: लॉकडाउन में ठप हुआ कारोबार फिर चमका
बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौर में जिन छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट वेंडर्स की कमर टूट चुकी थी, उनके लिए केंद्र सरकार की ‘पीएम स्वनिधि योजना’ संजीवनी साबित हो रही है। नगरपालिका नैनवां के सभागार में आयोजित शहरी सेवा शिविर में उपखंड अधिकारी भागचंद रैगर और नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी नरेश कुमार मीणा ने योजना के लाभार्थियों को आर्थिक संबल प्रदान करते हुए ऋण के चेक वितरित किए। चेक पाते ही लाभार्थियों के चेहरे ख़ुशी से खिल उठे।
नैनवां निवासी शुभम साहू लॉकडाउन के समय अपना ई-मित्र का व्यवसाय बंद होने से बेहद चिंतित थे। घर का खर्च चलाना भारी पड़ रहा था। पीएम स्वनिधि योजना के तहत उन्हें प्रशासन द्वारा 15,000 रुपये का चेक प्रदान किया गया। शुभम ने बताया, “ऋण मिलने से मैंने दोबारा ई-मित्र की दुकान स्थापित की है। अब रोजाना ग्राहक आ रहे हैं जिससे मेरी आमदनी बढ़ गई है। बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और घर की जरूरतें अब आसानी से पूरी हो रही हैं।” उन्होंने भावुक होकर कहा, “पीएम स्वनिधि योजना ने मुझे फिर से व्यवसाय शुरू करने और समाज में सम्मान के साथ जीने की ताकत दी है।”
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े जगदीश सेन
कस्बे के ही निवासी जगदीश सेन भी लॉकडाउन के दौरान अपना रोज़गार छिन जाने से आजीविका के संकट से जूझ रहे थे। योजना के माध्यम से ऋण स्वीकृत होने के बाद उन्हें 25,000 रुपये का चेक सौंपा गया। जगदीश ने कहा कि इस लोन राशि से उनके कारोबार में वृद्धि हुई है और उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह सुदृढ़ हो गई है। उन्होंने त्वरित सहायता के लिए सरकार का दिल से आभार जताया।
फल-सब्जी विक्रेता पप्पू लाल को मिला 50 हजार का संबल
नैनवां निवासी पप्पू लाल सैनी, जो फल और सब्जी का ठेला लगाकर अपने परिवार का पेट पालते थे, लॉकडाउन में उनका काम पूरी तरह बंद हो गया था। विपरीत परिस्थितियों से लड़ते हुए उन्हें पीएम स्वनिधि योजना का सहारा मिला। योजना के अगले चरण के तहत उन्हें 50,000 रुपये की बड़ी ऋण राशि का चेक प्रदान किया गया। साथ ही, उन्होंने विशेष कैंप के माध्यम से क्रेडिट कार्ड के लिए भी आवेदन किया है। पप्पू लाल ने बताया कि इस योजना ने उनके डूबते व्यवसाय को न केवल बचाया है, बल्कि उसे और बड़ा करने का हौसला भी दिया हैं।
