ग्राम लोहचरा में नहीं बना एक भी पशु शेड, आधा दर्जन से अधिक सरपंच-सचिव ने मिलकर डकारे

-भीषण सर्दी में खुले आसमान के नीचे मवेशी हो रहे परेशान, फिर भी अलाव जलवाने की ओर ध्यान नहीं
-आवारा मवेशी किसानों की फसल कर रहे चौपट, रतजगा कर करते रखवाली
भिण्ड। बेसहारा पशुओं को छांव, चारा व सुरक्षा देने के सरकारी फरमान की गांवों में हवा निकल जा रही है। एक ओर जहां गोवंशीय बेसहारा पशुओं की रक्षा के लिए सरकार बड़े बड़े दावे कर रही है और इनकी सुरक्षा के लिए गांव में पशु शेड से लेकर गौशाला निर्माण के लिए सरकारी राशि को पानी की तरह बहाया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर पंचायतों के सरपंच-सचिव सरकारी राशि का दुरुपयोग करके निजी खर्चे में लेने में लगे हुए है ऐसा ही मामला रौन क्षेत्र की ग्राम पंचायत लोहचरा में देखने को मिला है इस पंचायत के लिए शासन से आधा दर्जन से अधिक पशु शेड निर्माण कराने के लिए राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन जमीनी हकीकत में एक भी पशु शेड नहीं बनाया गया है, जिस कारण आवारा पशु खुले आसमान के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं और जब भी उन्हें भूंख लगती है तो किसानों की फसल बर्वाद करने पहुंच जाते है और किसानों को फसल बचाने के लिए भीषण सर्दी में रात-रात भी जगाना पड़ता है। पशु पकडऩे के लिए ग्रामीणों ने कई दफा जनपद पंचायत सीईओ से शिकायत की फिर भी सरपंच सचिव पर किसी तरह की गाज नहीं गिर रही है जिस कारण दोनों के हौंसले बुलंद होते जा रहे हैं और शासन से मिलने वाली राशि को विकास कार्यो में लगाने की बजह अपनी जेब के अंदर कर शासन को चूना लगाने में लगे हुए हैं। इसके साथ ही जनवरी में गलन भरी सर्दी पड़ रही है और मवेशी सर्दी के मारे कांप रहे हैं फिर भी सरपंच-सचिव पर किसी तरह का असर नहीं पड़ रहा है मवेशियों को सर्दी से बचाने के लिए लाखों रुपये लकड़ी के लिए आता है जिसे भी कागजों में जलाकर हडप करने की फिराक में हैं। वहीं ग्रामीणों ने सचिव को इस पंचायत से हटाने के लिए लहार एसडीएम को ज्ञापन देने की बात कही है फिर भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन करने की बात कही।
पशु शेड बनने से पहले राशि हड़पी
पंचायत लोहचरा के लिए बेसहारा पशुओं को छांव, चारा देने के लिए आधा दर्जन से अधिक पशु शेड निर्माण के लिए विगत वर्ष राशि स्वीकृत की गई थी, जिसको सरपंच सचिव ने कागजों में बनाकर तैयार करा दिया और सांठगांठ के चलते राशि मंजूर कराकर हडप कर ली, गांव में आज तक किसी तरह कर पशु शेड नहीं बनाया गया है और गांव के मवेशी चारा-पानी के लिए परेशान हो रहे हैं, शासन से मिलने वाली राशि को हडप करने में किसी तरह की कसर नहीं छोड रहे हैं।
कागजों में जलाए जा रहे अलाव
अचंल में इन दिनों भीषण सर्दी पड़ रही है और मवेशी सर्दी के मारे बुरी तरह से कांप रहे है बावजूद भी गांव में किसी तरह का अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई आमजन के द्वारा सर्दी से मवेशियों को बचाने का कार्य किया जा रहा है जबकि शासन से मिलने वाली राशि अलाव के नाम पर सरपंच-सचिव कागजों में खर्च डालकर हडप करने में लगे हुए हैं। भ्रष्टाचार व राशि को हडप करने मं सरंपच-सचिव महारथ हांसिल कर चुके है इसलिए कोई भी योजना के तहत राशि आती है तो ठिकाने के लगाने के फिराक में पहले रहते हैं।
इनका कहना है:
मेरे पास शिकायत आने के बाद मामले की जांच करायी जायेगी आखिर पशु शेड गांव में क्यों नहीं बनाये गये हैं।
-आलोक इटोरिया, सीईओ रौन