अंतर्राष्ट्रीय गर्भ समापन दिवस के अवसर पर उन्मुखीकरण वेविनार संपन्न

अंतर्राष्ट्रीय गर्भ समापन दिवस के अवसर पर उन्मुखीकरण वेविनार संपन्न

चिकित्सकीय गर्भ समापन अधिनियम के व्यापक प्रचार प्रसार की है आवश्यकता- मुनेन्द्र शेजवार

असुरक्षित गर्भ समापन विश्व भर में महिलाओं की मृत्यु का मुख्य कारण है- रामजीशरण राय

दतिया @rubarunews.com>>>>>>>>>>>>>>>> मातृत्व स्वास्थ्य हकदारी अभियान, जिला बाल अधिकार मंच, समा व आस नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में चिकित्सकीय गर्भ समापन अधिनियम 1971 (एमटीपी एक्ट) पर उन्मुखीकरण वेविनार जूम एप पर आयोजित किया गया। आयोजित वेविनार में मुख्य अतिथि वक्ता सुश्री ऋतिका समा नेटवर्क पटना, विशिष्ट अतिथि मुनेन्द्र शेजवार रहे व अध्यक्षता साहित्यकार वीरेन्द्र शर्मा व डॉ. बबीता विजपुरिया ने की।

वेविनार में एमटीपी अधिनियम के व्यापक प्रचार प्रसार की है आवश्यकता यह बात जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक मुनेन्द्र शेजवार कही। इसी क्रम में समा पटना की ऋतिका ने सुरक्षित गर्भ समापन हेतु पंजीकृत संस्थानों को बढ़ाने पर जोर दिया।

महिलाओं के लिए मातृत्व स्वास्थ्य सुनिश्चित करने हेतु हमें केवल गर्भावस्था और प्रसव के दौरान भी जाने वाली देखभाल से बढ़कर गर्भनिरोध सुरक्षित गर्भपात सेवाओं तक पहुंच भी मुहैया करानी होगी। प्रजनन क्षमता और एमएमआर के बीच संबंध सर्वविदित है, असुरक्षित गर्भ समापन दुनिया भर में महिलाओं की मृत्यु का मुख्य कारण है, लिहाजा सुरक्षित गर्भ समापन सेवाओं की उपलब्धता मातृमृत्यु में कमी के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय है।

एमटीपी एक्ट 1971 के तहत गर्भ समापन कानूनी वैद्य है, मगर कानूनी सुरक्षित गर्भ समापन सेवाओं तक पहुंच एक बड़ी समस्या बनी हुई है ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहरी क्षेत्रों में गर्भ समापन सेवाओं की उपलब्धता कुछ ज्यादा है सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध गर्भ समापन सेवाएं गर्भ समापन के कारण पैदा होने वाली समस्याओं और मृत्यु पर अंकुश लगाना के लिए बहुत जरूरी है उक्त जानकारी रामजीशरण राय पीएलव्ही व संचालक स्वदेश संस्था ने दी।

कार्यक्रम का सफल संचालन अभियान सदस्य प्रतिभा बुन्देला व बलवीर पाँचाल किया। आभार व्यक्त सरदार सिंह गुर्जर ने करते हुए अभियान की आगामी बैठक 3 अक्टूबर को होना बताया। सदस्यों ने जिले में स्कूल व कॉलेज स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम करने की सहमति जताई।

वेविनार में प्रमुख रूप से एडवोकेट सदस्य बाल कल्याण समिति कल्पनाराजे बैस, एडवोकेटकाजल सिंह बुन्देला, एडवोकेट कृपाल सिंह बुन्देला, लवकुश शर्मा, जितेन्द्र कुमार, संजय तिवारी, अशोककुमार शाक्य, सुबोध शर्मा , आयुष राय, शिवम बघेल, अंकुश दाँगी, पीयूष राय, अभय दाँगी, अजय दांगी सहित अन्य अभियान सहयोगी साथियों ने अपने अपने अनुभव व्यक्त किए। साथ ही अभियान की ओर से अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मांगपत्र देने पर सहमति बनीं। उक्त जानकारी अशोककुमार शाक्य ने दी।