स्वयं खुश होने पर ही दूसरों को रख सकते है खुश”-अखिलेश अर्गल

ग्वालियर.Desk/ @www.rubarunews.com- त्रिदिवसीय निःशुल्क ऑनलाइन ब्लॉक आनंदक सम्मेलन परिचय कार्यक्रम के प्रथम दिवस 12 मार्च को सत्र का प्रारंभ दोपहर 3:30 बजे से आनंदम सहयोगी डॉ. रूपा आनन्द एवं दीप्ति उपाध्याय मास्टर ट्रेनर द्वारा सहभागी आनन्दको से परिचय प्राप्त करते हुए आनंदम सहयोगी हेमन्त त्रिवेदी द्वारा समर्पित प्रार्थना “इतनी शक्ति हमें देना दाता ” से हुआ ।
इसी अवसर पर राज्य आनंद संस्थान म. प्र. के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अखिलेश अर्गल द्वारा अपने उदबोधन में संस्थान के परिचय और गतिविधियों का उल्लेख किया । अर्गल ने कहा कि हम स्वयं खुश होने पर ही दूसरों को रख सकते हैं खुश । स्वयं सेवियों को प्रेरित करते हुये कहा कि वे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करें ।
डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम लीडर (आनन्द) विजय कुमार उपमन्यु ने आनन्द क्या है के बारे में बताते हुए सभी सहभागियों को आनन्द की ओर ले जाया गया । उक्त सत्र में मास्टर ट्रेनर श्रीमती दीप्ति उपाध्याय ने यह प्रश्न कि आपका आनन्द किस बात से , किन परिस्थितियों में बढ़ता है एवं किन परिस्थितियों में घट जाता है ; के माध्यम से सहभागियों से प्रतिक्रिया जानी ।
जिस पर आए हुए विचारों में किसी ने बताया… मुझे छोटे बच्चों को हंसते देखना.. बगीचे के फूलों को देखना.. किसी की मदद करना, पेड़ पौधे लगाना… पक्षियों को दाना डालना… खुले आसमान को निहारना… साहित्य लेखन व संगीत सुनने से आनंद मिलता है.। इसके विपरीत निस्वार्थ कार्य करने के बाद कोई, बुराई करें एवं हम प्रयास करें… किंतु उस कार्य पर किसी का सकारात्मक रिस्पांस ना मिले तो हम आनंद में कमी महसूस करते हैं.।
कार्यक्रम में आगामी दिवस हेतु मास्टर ट्रेनर ई. ए .के . शर्मा ने आत्म पोषण चिंतन हेतु, विचार दिया कि प्रकृति हमें क्या संदेश दे रही है व हम दूसरों के अंदर जो बुराई देखते हैं वह बुराई हमारे अंदर भी हो उस स्थिति में क्या करेंगे । यह ऑनलाइन आयोजन 15 मार्च 2021 तक जारी रहेगा ।