क्षति का आकलन कर दी जाए सहायता : मुख्यमंत्री श्री चौहान

भोपाल.desk/ @www.rubarunews.com>> मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने प्रदेश में हुई बे-मौसम वर्षा के संबंध में आज प्रातः निवास में बैठक में अधिकारियों से विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावित जिलों में क्षति के आकलन कार्य को तत्काल प्रारंभ किया जाए। बे-मौसम हुई बारिश से फसलों को हुई क्षति का सर्वे कार्य पूरी ईमानदारी से किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को सर्वे के बाद आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव  इकबाल सिंह बैंस(Chief Secretary Iqbal Singh Bains), कृषि उत्पादन आयुक्त के. के. सिंह(Agriculture Production Commissioner K.K. K. singh), प्रमुख सचिव कृषि  अजीत केसरी(Principal Secretary Agriculture Ajit Kesari) और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  मनीष रस्तोगी(Chief Secretary to Chief Minister Manish Rastogi) उपस्थित थे।

पंचायत में चस्पा हो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि सर्वे की रिपोर्ट पंचायत कार्यलय में चस्पा की जाए, जिससे सर्वे में प्राप्त फसलों की क्षति की जानकारी संबंधित किसान को भी प्राप्त हो सकें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को नियमानुसार फसल बीमा योजना (Crop Insurance Policy) का लाभ भी दिलवाने का कार्य हो।

जन हानि, पशु हानि पर प्रावधान के अनुसार मदद की जाए

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि फसलों की हानि के साथ ही जनहानि और पशु हानि के प्रकरणों में भी सहायता दी जाए। जहाँ जन हानि हुई है, प्रावधान अनुसार चार-चार लाख की राशि प्रभावित परिवारों को दी जाए। कृषि विभाग और राजस्व विभाग संयुक्त निरीक्षण करें। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधान के अनुसार पात्र प्रभावितों की पूरी मदद की जाए।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में करीब 15 से 20 जिलों में असमय वर्षा हुई है। कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई है। अभी क्षति का आकलन किया जा रहा है। शीघ्र ही जिलों से प्रतिवेदन प्राप्त होगा। शुक्रवार की शाम जिलों में बारिश की जानकारी प्राप्त हुई है। पश्चिम मध्यप्रदेश के दो-तीन जिलों में और चंबल क्षेत्र में भी वर्षा हुई है। फसलों की क्षति अधिक नहीं हुई है। यहाँ आंशिक प्रभाव है, उसका आकलन किया जा रहा है। सात लोगों की आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु की सूचनाएँ मिली हैं। कहीं-कहीं पशु हानि भी रिकार्ड की गई है।