मुंबई की स्टार्टअप कंपनी ने विकसित किया PPE किट में वेंटिलेशन सिस्टम , जाने क्या है यह नई तकनीक

मुंबई.Desk/ @www.rubarunews.com- कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए करोना वोररिर्स , स्वास्थ कर्मी व डॉक्टर्स को पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) किट पहनना आवश्यक होता था ,पर यह हम सभी को पता है कि इससे पहनने वाला व्यक्ति पसीने से पूरी तरह तर-बतर हो जाता है, और एक बार पहनने के बाद इसे कई घण्टो तक पहनके रखना होता है । जिस वजह से किट में हवा का प्रवाह भी नही हो पाता है।

 

इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने कई स्टार्टअप को यह काम दिया था ,जिसके पश्चात यह काम मुम्बई के एक स्टार्टअप कंपनी ने पूरा किया। मुम्बई की इस कंपनी ने ऐसा वेंटीलेशन सिस्टम विकसित किया , जिसमे पीपीई किट की एयर सील होने को सुनिश्चित करने के साथ उपयोगकर्ता को प्रत्येक सौ सेकेंड के अंतराल पर ताजा हवा भी प्रदान करता है। इस तकनीक को “कोव-टेक वेंटीलेशन सिस्टम” नाम दिया गया है।

◆ जाने क्या है कोव-टेक वेंटीलेशन सिस्टम ~
रिसर्च इनोवेशन इन्क्यूबेशन डिजाइन लेबोरेट्री (आरआइआइडीएल) के गौरांग शेट्टी ने इस तकनीक के बारे में बताया की इस सिस्टम में PPE किट को पूरा सील बनाने के साथ एक एक साधारण बेल्ट को बनाया गया है जुड़मे इसे वेल्ट की तरह कमर में बांधा जाता है और इसके ऊपर पीपीई किट को पहना जाता है। यह वेंटीलेशन सिस्टम कोविड संक्रमित मरीजों के उपचार में लगे डाक्टरों और दूसरे स्वास्थ्य कर्मियों को काफी मददगार साबित होसकता है। इस वेंटिलेशन सिस्टम को पहनने वाले व्यक्ति को प्रत्येक सौ सेकेंड के अंतराल पर ताजा हवा भी प्रदान की जाती है ।

कहा पहली बार उपयोग में लाई गई कोव-टेक वेंटीलेशन सिस्टम वाली PPE किट ~
केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग डीएसटी के मुताबिक इस सिस्टम का सबसे पहला इस्तेमाल पुणे के एक अस्पताल में किया भी जा चुका है ,इसी के साथ ही जून तक सभी अस्पतालों में इस सिस्टम वाली PPE किट का इस्तेमाल भी कीट जाएगा ।

वेज्ञानिको का कहना है कि इस कोव-टेक वेंटीलेशन सिस्टम से अब PPE कीट पहनने में परेशानी जनक व उबाऊ नही रहेगी , औऱ स्वास्थ कर्मी भी इसके साथ सहज रूप से एवँ बिना किसी परेशानी संक्रमितों का उपचार कर पाएंगे