संतुलित आहार से रखे शरीर और विचारों को सकारात्मक, कोरोना काल में इन बातों का रखे ध्यान

भोपाल.Pratyaksha Saxena/ @www.rubarunews.com- कोरोना काल और लॉक डाउन के समय मे सबसे ज्यादा गूगल पर सर्च किए जाने वाली बाते रही है कि कोरोना से बचाव के लिए शरीर की इम्युनिटी को कैसे मजबूत करे ,और किन चीजों के सेवन से कोरोना से बचा जासकता है। पर सिर्फ कुछ बातो को ध्यान रखके या अपनी जीवन शैली में उपयोग में लाकर अपने शरीर की इम्युनिटी ओर सेहत को अच्छा रख सकते है। संतुलित आहार, विहार और विचार से हम खुद को व अपने करीबियों को स्वस्थ रख सकते हैं।

 

इस विषय पर आयुर्वेदिक डॉ. सुशील शर्मा का कहना है कि सरकार व स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जो स्वास्थ्य निर्देश जारी किये गए है उनका अगर हम कड़ाई से पालन करें तो कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है, और इंन सबके बावजूद अगर किसी को संक्रमण हो भी जाए तो एक संयम पूर्ण जीवन शैली औऱ अच्छे खान पान से इसका रोकथाम होसकता है।

~मास्क पहनना सोशल डिस्टेंस के साथ आइये जानते है इम्युनिटी बढ़ाने के कुछ आसान नुस्खे
◆ पोषण पूर्ण भोजन –
बाजारों में मिलने वाला जिंक कैल्शियम व मल्टी विटामिन युक्त दवाइया केवल हमे बाहरी तौर पर ही मजबूती द3 सकती है। शरीर की इम्युनिटी बनाये रखने के लिए घर का बना भोजन,हरी सब्जियां, दूध , दही ,पनीर, प्रोटीन युक्त दाले, विटामिन ए, विटामिन बी और विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और कोलिन जैसे अन्य पोषक तत्व वाले फलों जैसे संतरा , आम ,निम्बू , टमाटर आदि का सेवन करे।
घर मे बने गिलोय और आयुर्वेदिक काढ़े का उपयोग भी किया जासकता है और अगर वाकई किसी को इन सभी के अलावा सप्लीमेंट की जरूरत होगी तो वह डॉक्टरी सलाह पर ही लिया जाना चाहिए।

व्यायाम के साथ जरूरी अच्छी नींद-
संतुलित आहार के साथ हर दिन सुबह शाम 20 से 30 मिनट तक किसी भी तरह का व्यायाम करे जिससे कि शरीर मे स्फूर्ति व ताजगी बनी रहे जो आपके शरीर को आंतरिक तौर पर मजबूती देगा।अध्यन में माना गया है कि शरीर को अपनी उम्र अनुसार 6 से 8 घँटे की नींद अवश्य ले। समय पर सोने और जागने के साथ शरीर को एक नियमित दिनचर्या में रखे ताकि शरीर बीमारियों से बचे रहे।

नकारात्मक विचार और तनाव से बनाये रखे दूरी
अच्छे आहार के साथ सकारात्मक विचार भी सेहत के लिए उतने ही आवश्यक है। अत्यधिक तनाव के कारण हार्मोन कॉर्टिकोस्टेरॉइड हमारे शरीर मे बनता है जो प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रभावशीलता को घटा देता हैऔर संक्रमण के चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए स्वयं को सकारात्मक एवँ अच्छे विचारों के बीच रखे इसके लिए कुछ मिनिट का मेडिटेशन करना भी लाभ पूर्ण होसकता है।

डॉक्टर्स का भी यही कहना है कि जरूरत पड़ने पर दवाइया व बाहरी सप्लीमेंट्स लिए जा सकते है पर कोशिश यही करे कि शरीर मे रोग प्रतिरोधक क्षमता प्राकर्तिक तरीको से ही बड़ाई जाए और कोई नुस्खे प्रयोग करने से पहले जानकर व डॉक्टर्स की सलाह अवश्य ले ।