गौमाता का संवर्धन संविधान से नहीं संकल्प से होगा – जगत गुरु रामदयाल जी महाराज
कोटा.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- कोटा जिले की रामगंजमंडी विधानसभा की चेचट तहसील के गांव खेड़ली मे आयोजित एक समारोह मे गौ – संवर्धन गौ – चारण परंपरा का भव्य शुभारम्भ किया गया!
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामस्नेही संप्रदाय के जगत गुरु 1008 स्वामी रामदयाल जी महाराज ने कहा की गौमाता का संरक्षण और संवर्धन आज के समय की आवश्यकता है! परन्तु गौ माता का संवर्धन संविधान से नहो संकल्प से होगा! सरकार गौ माता की सुरक्षा के लिए कानून बनती है परन्तु कानून से भी गौ माता की सुरक्षा नहीं हो पा रही है! जब सब हिन्दू संकल्प लेंगे तभी गौ माता बचेगी! गौ सेवा करने का संकल्प हमें मन मे रखना होगा! एक ग्वाला होगा तो गायों को भटकना नहीं पड़ेगा! और कोई गौ माता नहीं मारेगी!
सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने गौ रक्षा का जो संकल्प लिया है, मे उसकी भूरी – भूरी प्रशंशा करता हूँ! आज से सब जुट जाओ और इस परंपरा को आगे बढ़ाओ!
जगत गुरु महाराज ने कहा की मेरा भारत देश गौ माता का देश है! हम साल मे एक दिन मकर संक्रांति को गायों को भर – भर के चारा डालते है! और एक ही दिन मे सारा पुण्य अर्जित कर लेना चाहते है! ये सही नहीं हमें व्यवस्थित रूप से प्रतिदिन गौ माता की सेवा करनी होंगी! प्रतिदिन गाय को चारा खिलाना होगा!
पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने की सलाह देते हुए महाराज ने कहा की पॉलीथिन खाने से गौ माता अकाल मौत का शिकार होती है! इसलिए पॉलीथिन का उपयोग नहीं करना चाहिए! अन्यथा जिस घर से फेकी गई पॉलीथिन की थैली खाने से गौ माता की अकाल मौत होंगी उसे गौ हत्या का पाप लगेगा!
*रामदयाल जी महाराज पुष्प माला क्यों नहीं पहनते*— कार्यक्रम के दौरान जगतगुरु रामदयाल जी महाराज ने आज यह रहस्य उद्घाटन भी किया कि वह लोगों से पुष्पमाला क्यों नहीं पहनते हैं! जगद्गुरु महाराज ने बताया कि मैं माला इसलिए नहीं पहना क्योंकि आप मेरे को पहनने के लिए जो माल लाते हैं उसे पैसे से आप गौ माता को चार डालें ताकि गौ माता का पेट भर सके! मुझे पहनाई गई पोस्टमाला उसे समय बाद सुख जायेगी और वह पैसा व्यर्थ हो जाएगा! इसलिए मैं माला नहीं पहना और सभी से आग्रह करता हूं कि सभी लोग गौ माता को चार डालें!
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जब शिकागो धर्म संसद में गए थे तो उनसे सवाल किया गया कि भारत में सबसे ज्यादा दूध देने वाला पशु कौन सा है, तो उनका उत्तर था की भैंस? तो किसी ने उनसे पूछा कि भारत में गाय भी तो होती है! क्या वह दूध नहीं देती? तो विवेकानंद जी ने उत्तर दिया की गाय पशु नहीं है हमारी गौ माता है और वह दूध नहीं देती अमृत देती है!
*गाय का दूध पीने से बच्चा बुद्धिमान बनाता है– शिक्षा मंत्री मदन दिलावर*
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि जो बच्चे गाय का दूध पीते हैं वह बुद्धिमान और स्फूर्ति शाली बनते हैं, जबकि जो भैंस का दूध पीते हैं उनमें आलस देखा गया है!
मंत्री मदन दिलावर ने ठेठ देशी अंदाज में तुलनात्मक तथ्य देते हुए कहा की भैंसों के झुंड में नवजात भैंस के बच्चे को छोड़ा जाए तो वह अपनी मां को पहचानने में समय लगता है जबकि यही स्थिति गाय के बच्चे के साथ होती है तो सीधा भाग कर जाता है और अपनी मां के पास पहुंचकर उसका दूध पीता है! यानी गाय का बच्चा ज्ञानवान और बुद्धिमान होता है!
इसी प्रकार भैंस के नवजात बच्चे को भरपेट भैंस का दूध पिला दो तो वह एक जगह बैठ जाता है और सुस्ताने लगता है! इसके विपरीत गाय का बछड़ा दूध पीने के बाद पूछ ऊंची करके इधर-उधर भगत है उछलता कूदता है! यानि उसमे स्फूर्ति आती है! इसलिए बच्चों को गाय का दूध ही पिलाना चाहिए! मंत्री दिलावर ने कहा कि ऊंचे कंधे वाली देसी गाय का दूध ही सर्वोत्तम होता है जबकि जर्सी नस्ल की विदेशी गायों का दूध लाभकारी नहीं होता!
प्रारंभ में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर एवं जगतगुरु 1008 श्री रामदयाल जी महाराज ने गौ माता का विधिवत पूजन कर गांव ग्वाळ योजना का शुभारंभ किया! इसके बाद शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने मंच पर बुलाकर कल 14 नवनियुक्त गांव ग्वालो का एक-एक कर स्वागत अभिनंदन किया!
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बताया की 70 गायों पर एक गांव ग्वाला नियुक्त किया जायेगा! दुगनी संख्या होने पर दो और तिगुनी होने पर तीन गांव ग्वाळ नियुक्त किये जायेंगे! प्रत्येक गांव ग्वाळ को दस हज़ार रूपये प्रतिमाह मानदेय दिया जायेगा! पूरी व्यवस्था का संचालन भामाशाहो के सहयोग से किया जायेगा!
*इन संतो का आशीर्वाद मिला* कार्यक्रम में जगतगुरु परम पूज्य श्री श्री 1008 रामदयाल जी महाराज, अंतर्राष्ट्रीय राम स्नेही पीठ शाहपुरा के सानिध्य में श्री मनोहर जी महाराज प्रतापगढ़, श्री अंकुश जी महाराज,श्री राम नारायण जी महाराज देवास, समता राम जी महाराज, रामदास जी महाराज कुंहाड़ी,जगदेव दास जी महाराज, रामदास जी महाराज लटूरी, रामदास जी महाराज घाटोली चेचट,लखन दास जी महाराज मण्डना,चैतन्य दास जी महाराज बिलोनिया बावड़ी, झालावाड़ की पावन उपस्थिति रही!
कार्यक्रम में श्री कर्नेश्वर वेद विद्यालय,कनवास के 11 बटुकों ने स्वस्तिवाचन कर वेद ऋचाओं का पाठ किया!