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अपने लेखन के माध्यम से समाज में संस्कार, सद्भाव और मानवीय मूल्यों का संवर्धन करें साहित्यकार – राजेन्द्र मोरपा

बून्दी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- अखिल भारतीय साहित्य परिषद, बून्दी (जिला ग्रामीण एवं नगर) द्वारा लाल कोठी, बून्दी में गुरु पूर्णिमा उत्सव एवं नव कार्यकारिणी विस्तार समारोह परिषद के जिला अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध साहित्यकार देवकी दर्पण की अध्यक्षता एवं कोटा संभाग के सह प्रमुख राजेन्द्र मोरपा के मुख्यातिथ्य में किया गया।
महर्षि वेदव्यास को समस्त गुरु परंपरा के आदर्श के रूप में नमन करते हुए में मोरपा ने कहा कि ‘परोपकार सबसे बड़ा पुण्य है तथा दूसरों को पीड़ा पहुँचाना सबसे बड़ा पाप है।’उन्होंने साहित्यकारों का आह्वान किया कि वे अपने लेखन एवं आचरण के माध्यम से समाज में संस्कार, सद्भाव और मानवीय मूल्यों का संवर्धन करें।
बून्दी परिषद अध्यक्ष देवकी दर्पण ने अपने उद्बोधन मे गद्य व पद्य की अलग अलग सम्पूर्ण विधाओं के साहित्यकारों से आग्रह किया कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर लोककल्याण हित परिषद दृष्टि से साहित्य सृजन कर राष्ट्र चेतना के स्वर भरते रहे।
नव कार्यकारिणी का किया विस्तार
कार्यक्रम में गुरु पूर्णिमा के महत्व पर विचार-विमर्श के साथ नव कार्यकारिणी के विस्तार की घोषणा भी की गई। नव कार्यकारिणी में प्रदेश कार्यकारणी सदस्य मोहनलाल शालवी , उपाध्याय बृजमोहन सुमन, कोषाध्यक्ष इन्द्र नारायण शर्मा, बाल साहित्य प्रमुख बालकृष्ण भट्ट, सह मंत्री दुर्गेश मेघवाल,युवा आयाम प्रमुख बुद्धि प्रकाश शालवी, लोक साहित्य प्रमुख जगदीश अनुरागी को नये दायित्व दिये गये। उपस्थित साहित्यकारों ने गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए साहित्य एवं समाज सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम मे जिले के अनेक साहित्यकार, परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।