अनंत चतुर्दशी की शोभायात्रा में पहली बार अमृतसर का सिख अखाड़ा दिखाएगा शौर्य
कोटा.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- श्री अनंत चतुर्दशी महोत्सव की ऐतिहासिक शोभायात्रा इस वर्ष शौर्य, परंपरा और सांस्कृतिक विविधता के अनूठे संगम की साक्षी बनेगी। शोभायात्रा में पहली बार अमृतसर का सिख अखाड़ा शामिल होगा, जिसके कलाकार विभिन्न शौर्य प्रदर्शनों और हैरतअंगेज करतबों के माध्यम से श्रद्धालुओं को रोमांचित करेंगे। अखाड़े के कलाकार शोभायात्रा मार्ग में पांच प्रमुख स्थानों—सूरजपोल, कैथूनीपोल, सब्जीमंडी, रामपुरा और आर्य समाज रोड—पर अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
कोटा की अनंत चतुर्दशी शोभायात्रा देशभर में अपनी विशालता, धार्मिक आस्था और अखाड़ों की परंपरा के लिए पहचान रखती है। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के आधिकारिक आयोजन विवरण के अनुसार, इस महोत्सव में बड़ी संख्या में अखाड़ेबाज शौर्य एवं पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन करते हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं।
इस वर्ष अमृतसर के सिख अखाड़े की सहभागिता शोभायात्रा के शौर्य पक्ष को एक नया आयाम देगी। अखाड़े के कलाकार पारंपरिक कौशल, अनुशासन और साहस का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न करतब प्रस्तुत करेंगे। पांच निर्धारित स्थानों पर होने वाले इन प्रदर्शनों को इस प्रकार आयोजित किया जाएगा कि अधिक से अधिक श्रद्धालु इन्हें देख सकें।
लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता ने बताया कि श्री अनंत चतुर्दशी महोत्सव आयोजन समिति के साथ समन्वय करते हुए शोभायात्रा को और अधिक भव्य एवं व्यवस्थित स्वरूप देने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोटा की अनंत चतुर्दशी केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर की सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकजुटता का भी महत्वपूर्ण अवसर है। आयोजन को और बेहतर बनाने के लिए शहर के प्रबुद्धजनों से भी सुझाव लिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शोभायात्रा लगभग 15 से 16 घंटे तक चलती है और इसमें बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाएं शामिल होती हैं। गणपति विसर्जन के अवसर पर शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रहती है। ऐसे में अमृतसर के सिख अखाड़े की सहभागिता शोभायात्रा में शौर्य और परंपरा के नए रंग जोड़ेगी।
श्री अनंत चतुर्दशी महोत्सव आयोजन समिति के प्रभारी सुमेर सिंह ने बताया कि इस वर्ष शोभायात्रा को पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक आकर्षक एवं भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में पहली बार अमृतसर के सिख अखाड़े को शोभायात्रा में आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि अखाड़े के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले शौर्य प्रदर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
उन्होंने बताया कि सूरजपोल, कैथूनीपोल, सब्जीमंडी, रामपुरा और आर्य समाज रोड पर अखाड़े के कलाकार निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने करतब प्रस्तुत करेंगे। इन प्रदर्शनों में कौशल, संतुलन, साहस और अनुशासन का परिचय देखने को मिलेगा।
शौर्य और आस्था का अनूठा संगम
कोटा की अनंत चतुर्दशी शोभायात्रा में धार्मिक आस्था के साथ अखाड़ों की पारंपरिक शौर्य परंपरा भी लंबे समय से आकर्षण का केंद्र रही है। इस वर्ष अमृतसर के सिख अखाड़े की सहभागिता से इस परंपरा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। अमृतसर सिख परंपरा का एक प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र है और जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट भी शहर को सिखों के प्रमुख तीर्थ केंद्र के रूप में वर्णित करती है।
आयोजन समिति के अनुसार, शोभायात्रा में अमृतसर के अखाड़े का प्रदर्शन श्रद्धालुओं के लिए केवल रोमांच का विषय नहीं होगा, बल्कि यह विभिन्न भारतीय परंपराओं के बीच सांस्कृतिक सहभागिता और सौहार्द का भी संदेश देगा।
श्री अनंत चतुर्दशी महोत्सव की तैयारियों के साथ ही शहर में शोभायात्रा को लेकर उत्साह बढ़ने लगा है। इस बार अमृतसर के सिख अखाड़े के शौर्य प्रदर्शन को देखने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्सुकता है। आयोजन समिति का प्रयास है कि शोभायात्रा अपनी धार्मिक गरिमा, परंपरा और भव्यता के साथ एक यादगार आयोजन के रूप में सामने आए।
