प्रदेश में लघु, कुटीर और मध्यम उद्योगों का जाल बिछाना मेरा सपना भी और संकल्प भी : मुख्यमंत्री श्री चौहान

भोपाल.Desk/ @www.rubarunews.com>>मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान(Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने कहा है कि प्रदेश में लघु, कुटीर और मध्यम उद्योगों(Small, cottage and medium scale industries) का जाल बिछे यह मेरा सपना भी है और संकल्प भी। इस स्तर के उद्योग ही रोजगार के अधिकतम अवसर उपलब्ध कराते हैं। रोजगार आत्म-निर्भर(Employment self-reliant) मध्यप्रदेश के निर्माण का मूल आधार है। राज्य शासन उद्यमियों की मदद के लिए सदैव तत्पर है। इस दिशा में आरंभ की गई ‘स्टार्ट यूअर बिजनेस इन थर्टी डेज’ योजना(‘तीस दिनों की योजना में अपना व्यवसाय शुरू करो’) का उद्देश्य यही है कि प्रदेश में अपना उद्योग आरंभ करने वाले किसी भी व्यक्ति को कोई भी परेशानी न आए। हमारा यह लक्ष्य है कि हर महीने प्रदेश के एक लाख लोगों को रोजगार दिलाया जाए। इस प्रकार एक साल में बारह लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में हम निरंतर सक्रिय हैं। लोगों के लिए रोजगार सृजन में लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग राज्य सरकार के सहयोगी ही हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान मिंटो हॉल में मिशन अर्थ के अंतर्गत प्रदेश के 1891 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के वर्चुअल शुभारंभ के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।




खरगोन के नवीन कलेक्ट्रेट भवन का शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में खरगोन के नवीन कलेक्ट्रेट भवन का वर्चुअल शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि खरगोन में विभिन्न शासकीय कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग भवनों में लगते थे। नवीन कलेक्ट्रेट बनने से सभी कार्यालय एक भवन में लगेंगे। यह जनता के लिए सुविधाजनक होगा। कार्यक्रम में किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री  कमल पटेल(Farmer Welfare and Agriculture Development Minister Kamal Patel), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री  ओमप्रकाश सकलेचा(Minister of Micro, Small and Medium Enterprises, Science and Technology Omprakash Saklecha) उपस्थित थे। खजुराहो सांसद तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  व्ही.डी. शर्मा वर्चुअली सम्मिलित हुए।




अधोसंरचना निर्माण, कृषि और खाद्य प्र-संस्करण में उद्यमशीलता और रोजगार की अपार संभावनाएँ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने कोरोना के कठिन काल में आत्म-निर्भर भारत(Self-reliant india) के निर्माण का मंत्र दिया। इसके परिपालन में आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए विकसित रोडमैप में अर्थ-व्यवस्था और रोजगार प्रमुख आधार स्तंभ हैं। प्रदेश में अधोसंरचना निर्माण, कृषि और खाद्य प्र-संस्करण में उद्यमशीलता और रोजगार के अवसर सृजित करने की अपार संभावनाएँ हैं। कोरोना के कठिन काल में प्रदेश के पथ विक्रेताओं और स्व-सहायता समूहों को राज्य शासन द्वारा हरसंभव सहयोग प्रदान किया गया है।




प्रदेश के युवा नौकरी माँगने वाले नहीं रोजगार देने वाले बने

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि युवाओं के लिए स्व-रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से पुरानी योजनाओं की रीपैकेजिंग(Repackage of old schemes) कर नई मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना आरंभ करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के विकास के लिए जितना योगदान बड़े उद्योगों का है उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका एम.एस.एम.ई की है। इसकी महत्ता को स्वीकार करते हुए ही प्रदेश में पृथक एम.एस.एम.ई. विभाग बनाया गया। मेरा सपना है कि प्रदेश के युवा नौकरी मांगने वाले नहीं रोजगार देने वाले बने। यह सपना लघु, कुटीर और मध्यम उद्योगों से ही साकार हो सकता है।




कोरोना से बीमार न होना ही प्रदेश की सबसे बड़ी सेवा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कोरोना के संक्रमण को देखते हुए सभी उद्यमियों से सावधानी और सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोरोना से बीमार न होना ही प्रदेश की सबसे बड़ी सेवा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए आत्म-अनुशासन अपनाते हुए मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग, बार-बार हाथ धोने की गाइडलाइन का आवश्यक रूप से पालन करें और अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के प्रति भी सतर्क, सावधान और जिम्मेदार रहें।




50 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। प्रदेश में 1891 इकाइयाँ वर्चुअली आरंभ की जा रही हैं। इनमें 4227 करोड़ का निवेश हुआ है। यह इकाइयाँ 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में 572 इकाइयाँ मार्च 2021 तक स्थापित हो चुकी हैं। अगले तीन माह में 296 और अगले छह माह में एक हजार 23 इकाइयाँ स्थापित होंगी।

औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से प्रदेश में विकास के नए रास्ते खुलेंगे

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री  ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा कि उद्योग क्षेत्र में बहुत तेजी से तकनीकी बदलाव आ रहा है। वैश्विक स्तर की माँग के अनुसार प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों को कदम से कदम मिलाकर चलने में सक्षम बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान के मार्गदर्शन में प्रदेश में आवश्यक व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। खजुराहो सांसद तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  व्ही.डी. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में इतने व्यापक स्तर पर औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से प्रदेश में विकास के नए रास्ते खुलेंगे।




मुख्यमंत्री ने किया उत्कृष्ट एम.एस.एम.ई. इकाइयों और स्टार्टअप संचालकों का सम्मान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश की उत्कृष्ट एम.एस.एम.ई. इकाइयों और स्टार्टअप संचालकों का सम्मान किया। कोरोना काल में पीपीई किट और फेस मास्क निर्माण में अभूतपूर्व कार्य के लिए मोहिनी हेल्थ एण्ड हाईजीन लिमिटेड पीथमपुर धार के  अवनीश बंसल, रक्षा उपकरण उत्पादन में लगे डी.के. इंसूलेशन इण्डस्ट्रीज भोपाल के  डी.के. कोहली का सम्मान किया गया। गूगल वेंचर्स, सैमसंग और बॉयजूस जैसी संस्थाओं को मांग आधारित टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ उपलब्ध कराने वाले स्टार्टअप इंजीनियर बाबू आईटी सर्विसेज प्रायवेट लिमिटेड इंदौर की सुश्री अदिति चौरसिया, मध्य भारत के सबसे बड़े तथा एकमात्र कार्बन न्यूट्रल हाइपर स्केल डाटा सेंटर रैक बैंक डाटा सेण्टर्स प्रायवेट लिमिटेड इंदौर के  नरेन्द्र जैन और प्रदेश की एकमात्र ऑनलाईन शेड्यूलिंग कम्पनी एपॉइण्टी इंडिया भोपाल के  निमेष सिंह का भी सम्मान किया गया।




मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की उद्यमियों से बातचीत

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश के उद्यमियों से वर्चुअली संवाद भी किया। नीमच में हनी और हर्बल प्रोडक्ट्स पर केन्द्रित दीर्घायु भव: हनी एण्ड हर्बल इकाई की श्रीमती मीनाक्षी मालव, खरगोन में पी.पी. बैग निर्माण इकाई के संचालक  प्रवीण गुप्ता, बालाघाट में सीड लाख उत्पादन इकाई चलाने वाले  महेन्द्रा परधी, सतना में पास्ता और ब्रेड निर्माण इकाई संचालक श्रीमती मुस्कान रावलानी और टीकमगढ़ में आजाद स्टील फर्नीचर के मालिक  मोहम्मद शहजाद मंसूरी से बातचीत की। संचालक एम.एस.एम.ई  भास्कर लाक्षाकार ने आभार माना।