महाविद्यालयों के विकास के लिये दान देने वाले होंगे सम्मानित : उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव

भोपाल.Desk/ @www.rubarunews.com>> उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित महाविद्यालयों एवं अन्य संस्थानों के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जनभागीदारी मद से महाविद्यालयों में विकास कार्य कराए जाने में सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी। जनभागीदारी मद से निर्माण कार्यों की राशि 50 लाख रुपए से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए की जाये। महाविद्यालयों की जनभागीदारी मद में अधिकाधिक दान करने के लिये आमजन को प्रोत्साहित किया जाये। ऐसे दानदाता जो 5 लाख रुपए या उससे अधिक दान करते हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सम्मानित कराया जाएगा। यह बात उच्च शिक्षा मंत्री  डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में आयोजित उच्च शिक्षा विभाग की  विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कही।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विकास एवं समाज सेवा के उद्देश्य  से प्रत्येक महाविद्यालय  एक पिछड़े गांव को गोद ले तो बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि शासकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं पर्यटन से संबंधित पाठ्यक्रमों को नीति बनाकर शुरू कराया जाएगा। शासकीय विश्वविद्यालयों में नवीन मेडिकल कॉलेज खोलने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के परिसर में मेडिकल कॉलेज खोले जाने के संबंध में  विचार-विमर्श किया। उन्होंने अगले शैक्षणिक सत्र से महाविद्यालयों में कृषि संकाय के पाठ्यक्रम संचालित करने के संबंध में चर्चा की। उन्होंने प्रदेश में वेटनरी महाविद्यालय खोले जाने और महाविद्यालयों में विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करने पर भी विचार विमर्श किया। उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न नवाचार करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। विद्यार्थियों को शैक्षणिक प्रोत्साहन देने और नवीन निजी महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय खोले जाने के संबंध में प्रोत्साहन नीति पर चर्चा की।

बैठक में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा शिक्षा श्री अनुपम राजन ने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से महाविद्यालयों में कृषि संकाय के पाठ्यक्रम प्रारंभ कराने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों से बैठक कर कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। बैठक में अपर आयुक्त उच्च शिक्षा श्री चंद्रशेखर वालिंबे ने भी आवश्यक जानकारी दी।