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ग्रामीण सेवा शिविर की सौगात: 20 साल का लंबा इंतजार खत्म, गोरा बाई को मिला भूमि पर अपना हक

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- सरकारी योजनाएं और शिविर जब सही मायनों में धरातल पर उतरते हैं, तो किसी भी जरूरतमंद आम इंसान की जिंदगी बदल सकती है, इसकी बानगी गणेशपुरा में देखने को मिली। यहां आयोजित ‘ग्रामीण सेवा शिविर-2026’ में एक बुजुर्ग महिला का 20 वर्षों का वनवास खत्म हुआ। जो काम पिछले दो दशकों से अटका था, वह शिविर में चंद घंटों में ही पूरा हो गया और गोरा बाई को अपनी जमीन का मालिकाना हक मिल गया।
गणेशपुरा निवासी गोरा बाई के पति का वर्ष 2006 में निधन हो गया था। पति के दुनिया से जाने के बाद गोरा बाई पर दुखों का पहाड़ तो टूटा ही, साथ ही राजस्व विभाग की जटिल कागजी प्रक्रियाओं ने भी उनकी मुश्किलें बढ़ा दीं। लंबे समय तक राजस्व अभिलेखों में उनका और उनके बच्चों का नाम दर्ज नहीं हो सका। नाम दर्ज न होने के कारण परिवार को भूमि संबंधी किसी भी कार्य और शासकीय सुविधाओं का लाभ लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
अपने हक के लिए भटक रही गोरा बाई ने ग्रामीण सेवा शिविर-2026 में अपनी यह समस्या प्रस्तुत की। शिविर में मौजूद गणेशपुरा के सरपंच राकेश बंजारा और भू-अभिलेख निरीक्षक दीपिका गौड़ ने मामले की गंभीरता को समझा। मौके पर ही प्रकरण की त्वरित जांच कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। जांच के बाद राजस्व रिकॉर्ड में मृतक खातेदार के स्थान पर गोरा बाई एवं उनके बच्चों के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया तुरंत पूरी कर ली गई। सरपंच राकेश बंजारा और भू-अभिलेख निरीक्षक दीपिका गौड़ ने खुद गोरा बाई को उनके भूमि के दस्तावेज सौंपे।
दस्तावेज हाथों में आते ही बुजुर्ग गोरा बाई के चेहरे पर संतोष और खुशी की लहर दौड़ गई। वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होने से राहत महसूस कर रही गोरा बाई ने कहा, “ग्रामीण सेवा शिविर में उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान एक ही स्थान पर हो गया। उन्‍होंने इसके लिए मुख्‍यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और प्रशासन का आभार जताया।