ओलावृष्टि से खराब फसलों के हालातों का जायजा लेने पहुॅचें पूर्व विधायक

कोटा.K.K.Rathore/ @www.rubarunews.com- ओलावृष्टि के कारण क्षेत्र में किसानों कि खराब हुई फसलों के हालात जानने के लिऐ शनिवार को सांगोद के पूर्व विधायक हीरालाल नागर एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के ओएसडी राजीव दत्ता ने सांगोद क्षेत्र के गाॅवों में पहुॅचकर किसानों से हालात जानें।
संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी में शुक्रवार को मौसम का रूख में अचानक आए बदलाव के बाद बरसात और ओलावृष्टि हुई। इससे खेतों में तैयार फसल को बड़ा नुकसान हुआ है। इसका पता चलने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चिंता व्यक्त की थी। उनके निर्देश पर लोकसभा कार्यालय ने दोनों जिलों के कलक्टर को नुकसान का जल्द से जल्द आकलन करने को कहा था। बिरला ने अपने ओएसडी राजीव दत्ता को भी ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर पीड़ित किसानों से मिलने को कहा था।
इस पर ओएसडी दत्ता शनिवार सुबह सांगोद विधानसभा क्षेत्र के कनवास उपखंड में एक दर्जन से अधिक गांवों का दौरा किया। पूर्व विधायक नागर एवं दत्ता ग्राम उरना, खुजरना, मोहनपुरा, मंगलपुरा, जंगड़ियाखेड़ी, मांडलियाहड़ी, कोटबावड़ी, खोदयाहेडी, आँवा, पीसाहेड़ा, राजपुरा, बालूहेड़ा, खोड़ा आदि गांवों में पहुंचे और किसानों से उनकी पीड़ा सुनी।
 किसानों ने बीच पहुॅचे विधायक एवं ओएसडी को नें खेतों में जाकर फसलों के नुकसान को देखा। किसानों का कहना था फसल बीमा के तहत मुआवजे के लिए 72 घंटे के भीतर हेल्पलाइन नंबर पर काॅल कर आवेदन दर्ज करवाना होता है। अधिकांश किसानों को इस बात की जानकारी नहीं है कि उनकी फसल का बीमा किस कम्पनी के पास करवाया गया है। बैंकों में भी शनिवार व रविवार का अवकाश होने के कारण उनके लिए इसका पता लगाना संभव नहीं है। लिहाजा आॅप लाइन आवेदन की व्यवस्था की जाए।
इस पर ओएसडी दत्ता ने केंद्रीय कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव अशोक भूटानी से फोन पर बात कर किसानों की समस्या बताई।इस पर कृषि मंत्रालय की ओर से बीमा कंपनियों को आॅफ लाइन आवेदन भी स्वीकारने के लिऐ निर्देश दिए जाएंगे। उच्च अधिकारियों से वार्ता के उपरांत कनवास उपखण्ड के अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेश डागा से चर्चा के बाद तय हुआ कि ओलावृष्टि प्रभावित गाॅवों में सरपंच के साथ कृषि पर्यवेक्षक प्रभावित किसानों से आॅफलाईन आवेदन प्राप्त कर उन्हे मुआवजा दिलवाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करेगें।
गेहूं के साथ अन्य फसलों को भी नुकसान
बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से सिर्फ गेहूं ही नहीं बल्कि लहसुन, चने और धनिए की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। कई खेतों में किसानों की ओर से काट कर रखा गया गेहूं भी खराब हो गया। इसी तरह बरसात और ओलावृष्टि की चपेट में आने से लहसुन की फसल भी खराब हो गई। कई खेत ऐसे दिखे जिसमें फसल आड़ी पड़ी दिखी।
अनेक सपने संजो रख थे
गाॅवो में पहुॅचे पूर्व विधायक नागर एवं ओएसडी दत्ता को अपनी पीड़ा बताते हुए कुछ किसान भावुक भी हो गए। उन्होंने बताया कि कई महीनों की कड़ी मेहनत से फसल तैयार की थी। इस बार फसल की स्थिति भी अच्छी थी। अब जब फसल पककर तैयार थी और इस फसल के आसरे वे कई सपने संजोए बैठे थे तो अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया। पूर्व विधायक नागार ने किसानों को ढांढस बताते हुए मुआवजे के लिऐ आवेदन करने के लिए कहा।