शिक्षित बालिका सामाजिक विकास का आधार है ….. कविताओ के द्वारा बालिकाओं ने अपने स्वयं के अस्तित्व किया प्रकट

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- – अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यक्रमों की श्रंखला में महिला अधिकारिता विभाग द्वारा मनाए जा रहे बालिका सशक्तिकरण पखवाड़े के द्वितीय दिवस मंगलवार को उमंग संस्थान के तत्वावधान में स्कूली विद्यार्थियों के लिए अनुपयोगी सामग्री से सृजनात्मक निर्माण एवं कविता पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

संस्थान के सचिव कृष्णकांत राठौड़ ने बताया कि बच्चों को कोविड कालीन अवकाश से उत्पन्न परिस्थितियों से उभारने एवं सृजनात्मक दिशा बोध देने के उद्देश्य से मंगलवार को श्री महावीर विद्यालय खोजा गेट पर की अनुपयोगी सामग्री से सृजनात्मक निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट के रूप में बालिकाओं व बालकों ने पुराने अखबार, डिस्पोजल ग्लास, बोतल आदि से हैंडवाश मशीन, प्रेशर वाटर सिस्टम, फ्लॉवर पॉट, पेन स्टैंड , फ़ोटो फ्रेम, अखबार से गुड़िया आदि आकर्षक रचनात्मक निर्माण बनाएं।

इस अवसर पर एक्शन एड के जोनल कोऑर्डिनेटर मांगीलाल शेखर मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बालिका सशक्तिकरण के लिए बालिकाओं का शिक्षित होना बेहद आवश्यक है, क्योंकि शिक्षित बालिका सामाजिक विकास का आधार है।

इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक सर्वेश तिवारी ने बेस्ट इज आऊट ऑफ़ वेस्ट में वरिष्ठ वर्ग में प्रथम सुहानी जैन, द्वितीय मिताली सोनी व तृतीय स्थान पूजा वैष्णव ने प्राप्त किया, इसी प्रकार जूनियर वर्ग में प्रथम खुशी नरवाला, द्वितीय हिमांशी और यशिका व तृतीय मोनिश रहे। सब जूनियर वर्ग में प्रथम बिलाल, द्वितीय भावेश व तृतीय स्थान कुलसुम ने प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन संस्था प्रधान नमिता जिंदल ने किया और निदेशक कुश जिंदल ने आभार प्रकट किया।

#कविताओ के द्वारा बालिकाओं ने अपने स्वयं के अस्तित्व किया प्रकट…….
वो मेरी प्यारी सी नन्हीं परी, मेरी मुस्कुराहटो किए गए रोशनी…..
आंगन को फ़ूलो की तरह सजाती हैं बेटियां….
बालक बालिकाओं में रचनात्मक साहित्य दिशा बोध उत्पन्न करने के उद्देश्य से लिटिल एंजिल सेकेंडरी स्कूल बालचंद पाड़ा में कविता पाठ प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया।
काव्यपाठ कार्यक्रम की अध्यक्षता उमंग संस्थान के संरक्षक और रेडक्रॉस के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने की तथा महिला अधिकारिता विभाग के प्रतिनिधि के रुप में मांगी लाल शेखर मौजुद रहे।

काव्य पाठ में बालक बालिकाओं ने अपने शब्दों के माध्यम से लिंग भेद, बालिकाओं के सुनहरे भविष्य, बालिकाओं के बचपन, कुरीतियो सहित सामाजिक सरोकार एवं नई उड़ान पर अपने भावों को प्रकट किया। बालक बालिकाओं के काव्यात्मक प्रदर्शन की सराहना करते हुए अनिल शर्मा ने कहा कि रचना या प्रस्तुतकर्ता के छोटे बड़े होना महत्वपूर्ण नहीं है, रचना के भाव और उसका प्रस्तुतीकरण महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर मांगीलाल शेखर और कृष्णकांत राठौड़ ने ने भी अपने विचार व्यक्त किया तथा वूमेन सेल ज्योत्सना खत्री, महेश श्रृंगी तथा मेघा दाधीच ने भी अपनी रचनाए प्रस्तुत की।
उमंग संस्थान की अध्यक्ष सविता लौरी ने परिणाम घोषित करते हुए बताया कि काव्यपाठ के वरिष्ठ वर्ग प्रथम वीरेंद्र सिंह, द्वितीय रुद्रिका सिंह तृतीय युक्ति खत्री रही तथा कनिष्ठ वर्ग प्रथम वेदांत सनाढ्य, द्वितीय समृद्धि सोनी, तृतीय रूशील अग्रवाल रहे। बेस्ट इज आऊट ऑफ़ वेस्ट प्रतियोगिता में मांगी लाल शेखर, जय सिंह सोलंकी तथा भावना गर्ग और काव्य पाठ में महेश श्रृंगी तथा मेघा दाधीच निर्णायक रही।

इस अवसर पर लिटिल एंजिल स्कूल की निदेशिका रेखा शर्मा ने स्वरचित कविता के माध्यम से बालक बालिकाओं के साहित्यिक भावो की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया एवं काव्य पाठ का संचालन अनिल कुमार वर्मा ने किया।