श्योपुर में क्लब फुट क्लीनिक प्रत्येक गुरूवार को
श्योपुर.Desk/ @www.rubarunews.com-कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को ओर अधिक उपयोगी तथा आमजन के लिए लाभप्रद बनाने के उद्देश्य से दिये गये निर्देशो के क्रम में जिला चिकित्सालय श्योपुर में अब प्रत्येक गुरूवार को क्लबफुट क्लीनिक की शुरूआत की गई है। जिसके माध्यम से जन्मजात विकृति क्लबफुट की बीमारी जिसमें बच्चों के पैर टेडे मेडे होते है, उन्हें सीधा करने के लिए प्लास्टर लगाकर पॉन्सिटी विधि से उपचार किया जाता है। श्योपुर जिला चिकित्सालय में आरबीएसके कार्यक्रम एवं अनुष्का फाउंडेशन द्वारा यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
इसी क्रम में गत गुरूवार को आयोजित क्लबफुट क्लीनिक में 20 दिन के मोहम्मद फेजान पुत्र आरिफ निवासी पाण्डोला तथा एक माह के ऋषभ पुत्र राजू निवासी अलापुरा को क्लबफुट उपचार के लिए डॉ दिलीप सिंह सिकरवार द्वारा प्लास्टर लगाये गये है। सीएमएचओ डॉ सिकरवार ने बताया कि 800 से 1000 बच्चों में से कोई एक बच्चा क्लबफुट के साथ जन्म लेता है और पॉन्सिटी विधि से हम बच्चे को ठीक करने के लिए उपचार कर रहे है। इसके अंतर्गत पहले 4 से 8 सप्ताह तक हर सप्ताह बच्चे को कास्टिंग (प्लास्टर) लगते हैं, दूसरा चरण में बच्चे की टीनोटॉमी होती है, तीसरे चरण में बच्चे को लगातार ब्रेकिंग पहनाते हैं। इस प्रकार तीन चरणों में बच्चों के क्लबफुट का उपचार किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत 38 प्रकार की गंभीर बीमारियों से पीडित बच्चों को निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे बच्चे जो दिल में छेद, मूक बधिर, कान बहना, मोतियाबिंद आदि बीमारियों से पीडित हो अथवा कटे-फटे होठ, तालू, मुडे हुए पैर, पीठ अथवा सिर में फोडा होना आदि से ग्रसित है, उनको उक्त कार्यक्रम के तहत निशुल्क उपचार एवं ऑपरेशन की सुविधा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालो में कराई जाती है।
उक्त कार्यक्रम के तहत शून्य से 18 वर्ष के किसी भी समुदाय, जाति के बच्चों का निशुल्क उपचार होता है, मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत कॉकलियर इम्प्लांट के साथ ही मुख्यमंत्री बाल हद्य उपचार योजना में दिल की बीमारी जैसे दिल में छेद होना आदि का ऑपरेशन निशुल्क रूप से कराया जाता है। इस योजना में लाभ लेने के लिए केवल एक ही शर्त है कि बच्चा श्योपुर जिले का निवासी होना चाहिए।