धर्मकांटों के पास लगे दो दर्जन से अधिक रेत डंप, प्रशासन ने कराये नष्ट

भिण्ड.ShashikantGoyal/ @www.rubarunews.com-जिले में रेत माफियाओं के हौंसले इतने बुलंद है कि इनके मन में पुलिस, प्रशासन व खनिज विभाग का कोई डर नहीं है। वे नदियों से रेत को लाकर खुले मैदान में डंप करते है। फिर इस रेत को अवैधानिक तरीके से बेचते है। यह खेल सालों से चला आ रहा है। लंबे समय बाद ऐसे रेत माफिया के खिलाफ प्रशासन ने कमर कसी। शनिवार को प्रशासनिक अफसर दल बल के साथ मैदान में उतरा और रेत के डंपिंग प्वाइंट को नष्ट कराने की कार्रवाई की। चंबल पुल के बरही गांव से लेकर भिंड शहर तक करीब 22 डंपिंग प्वाइंट है। यहां कई ट्रक रेत को डंप किया गया। यह रेत को माफिया नदी से अवैधानिक तौर पर लाकर एकत्रित करते है। इस तरह से चोरी-छिपे यह रेत भिंड शहर से इटावा, उत्तर प्रदेश की सीमा में बेची जा रही है। यह रेत का काला कारोबार लंबे समय से चला आ रहा है। शनिवार की सुबह करीब दस बजे प्रशासनिक अफसर, पुलिस बल और खनिज विभाग के अधिकारी सबसे पहले बरही पहुंचे। यह कार्रवाई चंबल पुल से शुरू की गई। बरह गांव के पास ही करीब आधा दर्जन रेत डंपिंग प्वाइंट अफसरों को मिले। इस रेत को अफसरों ने नष्ट कराते हुए मिट्टी में मिलवाया।

एनएच-92 हाइवे इटावा रोड पर संचालित हो रहे धर्मकांटों के आसपास रेत के ढ़ेर लगे हुए थे, जब प्रशासनिक अमला कार्रवाई करने पहुंचा तो यह रेत को लेकर कोई दावेदार सामने नहीं आया है तो प्रशासन ने इस रेत को अवैध मानकर नष्ट करा दिया गया। दो दर्जन से अधिक जगह लगे अवैध रेत के डंप को नष्ट कर कार्रवाई को अंजाम दिया और रेत माफिया किसी तरह की हस्तक्षेप करने के लिए आगे नहीं आये।

इनका कहना है:
मुझे सूचना मिली रही थी कि धर्मकांटो के आसपास अवैध तरीके से रेत के डंप किया गया है इसलिए कार्रवाई की गई।
-आरएस भदकारिया, जिला खनिज अधिकारी भिण्ड
फोटो नम्बर-1,2