राठौर तेली समाज की महिलाओं ने मनाया सावन महोत्सव
बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-नैनवां रोड स्थित होटल शगुन में राठौर तेली समाज की महिलाओं द्वारा सावन महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से समाज की मातृशक्ति एवं गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में कोटा से डॉ. प्रीति राठौर, कुसुमलता राठौर, ममता जी साहू, अनीता जी राठौर, मंजुला जी राठौर एवं केशवरायपाटन से ममता राठौर अपनी टीम के साथ पधारीं। डाबी से श्रीमती नंदकंवर जी राठौर, एवं नगरपालिका चेयरमैन पूजा चन्द्रवाल तथा मांडलगढ़ से अखिल भारतीय तेली साहू महासभा की महिला अध्यक्ष रामकन्या राठौर भी उपस्थित रहीं।
सभापति सरोज अग्रवाल, डॉ. अंकिता अग्रवाल, नीतिका माथुर, टीपी डांस स्टूडियो की फाउंडर तनिष्का जी शर्मा एवं मयूरी जी ओझा ने कार्यक्रम में शिरकत की और राठौर तेली समाज की मातृशक्ति को संबोधित किया।
सावन महोत्सव में सावन क्वीन वरिष्ठवर्ग में श्रीमती केसर बाई , कनिष्ठ वर्ग में श्रीमति राजेश राठौर ओर बालिका वर्ग में सुश्री ऐश्वर्या सालीवाल चुनी गई ।
सावन महोत्सव के दौरान तीन वर्गों—बालिका वर्ग, युवा महिला वर्ग एवं वरिष्ठ महिला वर्ग—में नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया ।
नृत्य प्रतियोगिता में बालिका वर्ग में सुश्री ऐश्वर्या सालीवाल, युवा महिला वर्ग में सुश्री अनु राठौर तथा वरिष्ठ महिला वर्ग में श्रीमती केसर बाई ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
महोत्सव का मंच संचालन सुश्री अंजलि राठौर जी ने बहुत ही बखूबी के साथ करते हुए बालिका वर्ग को सावन ओर लहरिया की जानकारी दी।
सावन महोत्सव की आयोजक श्रीमती निशा सालीवाल तथा उनकी टीम की सदस्य डॉ. सुमित्रा साहू एवं निकिता राठौर ने महिलाओं को भारतीय संस्कृति, रीति-रिवाजों एवं परंपराओं से जुड़ने और उनके महत्व को समझने का संदेश दिया। साथ ही, आज की पीढ़ी पर मोबाइल फोन के सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया गया। महिलाशक्ति में सूरज जी सालीवाल कृष्णा जी राठौर, पुष्पा जी गुलाणिया, सीमा जी गुलाणिया, रामदोज जी राठौर, राधा जी राठौर, गुरुवी राठौर, खुशबू राठौर, गुंजन गुलाणिया, ज्योति राठौर, पूजा राठौर समस्त नारीशक्ति ने सावन महोत्सव मनाया।
कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सावन के पारंपरिक रंग, संस्कृति एवं आपसी सौहार्द का आनंद लिया। महोत्सव ने समाज की महिलाओं को एकजुट करने के साथ-साथ अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ने का सुंदर संदेश दिया।
