प्रयोगशाला सहायक ने व्याख्याता बन लगाया शासन को लाखो का चूना

श्योपुर.Desk/ @www.rubarunews.com>> हजारेश्वर स्कूल का प्रभारी प्राचार्य प्रमोद सिंह सिकरवार वर्ष 2009 से फर्जी तरीके से व्याख्याता बन शासन को लंबे समय से चूना लगते हुए वर्ष 2002 से प्रेमसर फिर हजारेश्वर स्कूल का प्रभारी प्राचार्य बन व्याख्याता का वेतन लेता रहा, जबकि हजारेश्वर स्कूल शासनाधीन हुआ तब भी प्रमोद सिंह सिकरवार को प्रयोग शाला सहायक मान्य करते हुए नियुक्ति प्रदान की गई थी न कि व्याख्याता। ज्ञात रहे  अरविंद सिंह तथा  आर. के. उपाध्याय श्योपुर के जिला शिक्षा अधिकारी रह चुके है। और उन्हें भी प्रमोद सिंह सिकरवार के प्रयोग शाला सहायक पद पर नियुक्ति की जानकारी थी किन्तु सेवा शुल्क, व दलाली के चलते हुए वे भी इस प्रकरण पर पर्दा डाले हुए थे। अब देखना यह है कि जब सिकरवार व्याख्याता था ही नही तो वो कैसे वर्ष 2009 से व्याख्याता बन व्याख्याता का वेतन लेता रहा। यदि देखा जाए तो सिकरवार व्याख्याता का वेतन लेकर शासन को गत 11 वर्षों में लाखो का चूना लगा चुका है। अब देखने वाली बात यह है कि शासन कैसे लिए गए वेतन की वसूली करता है। व इसे अनदेखा करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही करता है। जिससे कोरोना काल में आर्थिक तंगी से जूझ रही सरकार को राहत मिल सके। या शासन भी आंखे मूंद कर कुंभकर्णी नींद सोती रहती हैं।