कृषकों को धान का भूसा (पराली) नहीं जलाने की सलाह – जलाने पर होगा जुर्माना

बूंदी.KrishnaKantRathore/ @www.rubarunews.com-  जिले में धान की कटाई शीघ्र शुरू होने वाली है। धान की कटाई के बाद किसान कभी-कभी धान के भूसा (पराली) को जला देते है। जिससे सूक्ष्म जीवाणु नष्ट होते है और जैविक कार्बन का नुकसान होता है। साथ ही पर्यावारण भी दूषित होता है।
उपनिदेशक कृषि रमेशचंद जैन ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय/एजीटी न्यायालय ने इन घटनाओं को रोकने के सख्त निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि यदि कृषक पराली को जलाने से नही मानता है, तो ग्राम पंचायत स्तर पर सहायक कृषि अधिकारी, कृषि पर्यवक्षक, गिरदावर, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी की तीन सदस्यीय कमेटी निगरानी के लिए बनाई गई है जो अपने क्षेत्र में घटना रोकने के लिए सूचित करेगी।
उन्होंने बताया कि पराली जलाने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत कृषक की जोत के आधार पर 2 एकड से कम जोत वाले कृषक को 2500 रूपय प्रति घटना, 2-5 एकड तक जोत वाले कृषक को 5000 रूपय एवं 5 एकड से अधिक जोत वाले कृषक को 15000 रूपय प्रति घटना जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए निकटतम कृषि पर्यवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी , कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।