ताजातरीनराजस्थान

112 नंबर डायल करते ही 5 मिनट में मिलेगी त्वरित सहायता

बून्दी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com>> जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली आपातकालीन परिस्थितियों ने आमजन को अब तुरंत पुलिस सहायता मिल हो सकेंगी। इसके लिए आमजन को अपने मोबाइल से 112 टोल फ्री नं. पर डायल करना होगा। 112 नंबर पर जानकारी देने के बाद अत्याधुनिक संसाधनों से लैस पुलिसकर्मी लोकेशन पर पहुंचकर आमजन की मदद करेंगे। राजस्थान पुलिस मुख्यालय द्वारा बूंदी जिले को 9 डायल 112 वाहन उपलब्ध करवाए गए हैं, जो आपातकालीन परिस्थितियों में फंसे हुए व्यक्ति को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध करवाएंगे।

डायल 112 वाहन जुड़े होंगे अभय कमांड से

डायल 112 वाहन मुख्यालय पर मौजूद सीधे अभय कमांड सेंटर से जुड़े हुए हैं। वाहनों की मॉनिटरिंग अभय कमांड में बैठे अधिकारी सीधे कर सकेगे। वाहन कई अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त होगा। प्रथम प्रतिक्रिया वाहन (एफआरवी) वाहनों को आधुनिक मोबाइल डाटा टर्मिनल (एमडीटी) कैमरा, एनवीआर वायरलैस सेट, जीपीएस पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्ट्रेचर एवं अन्य आपातकालीन उपकरणों से लैस किया गया है। जीपीएस से वाहनों की वास्तविक लोकेशन को ट्रैक किया जा सकेगा। डायल 112 वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स आदि अत्याधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। साथ ही इन वाहनों में चारों दिशाओं में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। जिले के बून्दी शहर कोतवाली, बून्दी सदर, तालेड़ा, हिंडोली, कापरेन, नैनवां, लाखेरी पुलिस को ये वाहन उपलब्ध करवाए गए हैं।

24 घंटे तीन पुलिस कर्मी रहेंगे मौजूद

डायल 112 वाहन 24 घंटे थाना क्षेत्रों में सक्रि रहेंगे, जिनमें आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में तीन पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। जो डायल 112 नंबर पर आपातकालीन सूचना मिलते ही 5 मिनट के भीतर ही लोगों को सहायता उपलब्ध करवाएंगे। वहीं जिला पुलिस इन वाहनों के जरिए महिला उत्पीड़न के मामलों में तुरंत कार्रवाई कर सकेगी। डायल 112 वाहन शिकायत मिलते ही शहर में 15 मिनट और गांव में 30 मिनट के अंदर पहुंच कर पीड़ित व दूसरे पक्ष से पूछताछ कर मामला नहीं सुलझाने का प्रयास करेंगे। मामला सुलझने पर नजदीकी थाना पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया जाएगा।

झूठी शिकायतों पर लगेगा अंकुश

डायल 112 होते ही पुलिस मौके पर पहुंच जाएगी। जहां पर दोनों पक्षों में किस बात को लेकर विवाद या झगड़ा हुआ है सब साफ हो जाएगा। यह लोकेशन कहां की है और कौन कौन लोग वहां मौजूद थे। अगर उस दौरान मामला नहीं सुलझा तो दोनों पक्ष बाद में एक दूसरे के खिलाफ झूठी शिकायत भी नहीं दे पाएंगे। क्योंकि विवाद होते ही तुरंत पहुंची पुलिस पूरी जानकारी लेकर थाना पुलिस को भी देगी। इससे निष्पक्ष और सही कार्रवाई होगी।