हथियार तस्करी के पीछे महिला तस्कर का बेटा निकला मास्टर माइंड

भिण्ड.ShashikantGoyal/ @www.rubarunews.com>> बीते दिनों महिला तस्कर से अवैध हथियार और सैना द्वारा उपयोग किए जाने वाले कारतूस बरामद किए गए थे। जिसमें महिला द्वारा अपने आपको कभी पत्रकार और कभी अफसर होने का दावा ठोक रही थी। पुलिस ने जब इस मामले की गहन पड़ताल की तो पुलिस ने बताया कि इस तस्करी और ठगी के पीछे का मास्टर माइंड उसका बेटा है। वहीं पुलिस अवैध पिस्टल और इंसास हथियार के 14 कारतूसों के साथ पकड़ी गई महिला से पुलिस राज उगलवाने में बौनी साबित हो रही है। पुलिस द्वारा आरोपी महिला से बार-बार पूछे जाने के बाद अवैध पिस्टल और कारतूसों को लेकर जुबान नहीं खोल रही है। पुलिस आरोपी महिला को अवैध हथियार रखने और उसे बेचने के साथ धोखाधड़ी के केस को दर्ज कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि यह महिला, बेरोजगार युवाओं से करोड़ों की ठगी कर चुकी है। डीएसपी पूनम थापा और महिला थाना प्रभारी रत्ना जैन, शनिवार को दबिश के दौरान पकड़ी गई यदुनाथ नगर में रहने वाली आरोपी महिला कुसुम भदौरिया से लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि नौकरी लगवाने का झांसा देकर इस आरोपी महिला का बेटा नितिन, युवाओं को फंसाता है। फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड को पुलिस आरोपी महिला के बेटे को मान रही है। महिला, भिंड के अलावा भोपाल में भी रहती है। यहीं से फर्जीवाड़ा का जाल फैलाया जाता है। बेटा, सरकारी विभाग में नौकरी लगवाने का लालच देकर युवाओं को फंसाता था। इसके बाद वो अपनी मां से मिलवाता था। महिला के भोपाल में सरकारी विभाग के अफसरों व कर्मचारियों से संबंध थे। वे, वहां अफसरों के संबंधों का झांसा देकर लोगों को लुभाती थी फिर फर्जीवाड़ा का खेल शुरू होता था। डीएसपी थापा का कहना है कि इस महिला ने अपने बेटे के साथ मिलकर कई लोगों को ठग है। पुलिस को फर्जीवाड़ा के मामले में आरोपी नितिन की तलाश है। वो फरार चल रहा है। पुलिस ने महिला को न्यायालय में पेश कर दिया।

 

महिला तस्कर के पास कहां से आए कारतूस, अभी तक राज

दरअसल, इंसास रायफल के कारतूस आरोपी महिला से बरामद होना एक बड़ा सवाल है। आखिर यह कारतूस कहां से आए? इस महिला पर कब से हैं? इसे किसने उपलब्ध कराएं? यह कारतूस, सेना में भर्ती होने वाले लोगों को निजी तौर पर रखने की परमिशन नहीं है। फिर आखिर इसने किससे खरीदे। यह सवाल को लेकर देश की सुरक्षा के बारे में सवाल खड़े हो रहे है। यह कारतूस जवानों से इस महिला के पास आए होंगे। परंतु यह महिला अपने बचाव में कह रही कि यह मेरे घर में पहले से ही थे। मेरी दादी सास के संदूक में रखे थे। इस तरह महिला अपने बचाव में बड़ी चालाकी से सफाई पेश कर रही है।