वर्तमान में लघुकथा साहित्य की लोकप्रिय विधा -डॉ गिरिजेश सक्सेना

भोपाल.Desk/ @www.rubarunews.com- वर्तमान समय में लघुकथा साहित्य की एक लोकप्रिय विधा है ,आज लघुकथा लेखक तेजी से इस विधा को अपना रहे हैं ,उन्हें सावधानी धैर्य और संयम से लघुकथा लेखन कर पाठकों की कसौटी पर खरा उतरना होगा | यह उदगार हैं वरिष्ठ साहित्यकार कर्नल डॉ गिरजेश सक्सेना के जो लघुकथा शोध केंद्र भोपाल द्वारा आयोजित पुस्तक पखवाड़े के अंतर्गत डॉ रंजना शर्मा के लघुकथा सँग्रह ‘फंदे’ एवम डॉ अम्बुजा मलखेड़कर की लघुकथा कृति ‘आनन्द पथ ‘ पर अपना अध्यक्षीय वक्तव्य दे रहे थे |                                    कार्यक्रम के प्रारम्भ में लघुकथा शोध केंद्र की और से घनश्याम मैथिल ‘अमृत’ ने मंचस्थ अतिथियों का स्वागत किया | कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए वरिष्ठ साहित्यकार श्री रतन राठौर ने कहा कि -‘ संक्षिप्त परिदृश्य में सार्थक सन्देश देती हैं लघुकथाएं ,प्रस्तुत दोनों सँग्रह कई अनछुए प्रसंग पाठकों के सम्मुख प्रस्तुत करते हैं , लेखिका द्वय को बहुत बहुत बधाई | इन लघुकथा संग्रहों पर सुनीता प्रकाश ,अंजू खरबंदा , मृदुल त्यागी एवम मुज़फ्फर इकबाल सिद्दीकी ने सारगर्भित समीक्षात्मक टिप्पणी प्रस्तुत की समीक्षकों में सुनीता प्रकाश ने ‘आनन्द पथ ‘ लघुकथा सँग्रह पर टिप्पणी में कहा कि – ‘लेखिका एक गम्भीर चेतना दृष्टि से सम्पन्न हैं उन्होंने रूढ़िवादिता के खिलाफ आवाज बुलंद की ह यह लघुकथाएं नारी विमर्श की लघुकथाएं हैं | वहीं अन्य समीक्षक लघुकथा लेखिका अंजू खरबंदा (दिल्ली) ने चर्चा विमर्श में भाग लेते हुए सँग्रह की लघुकथाओं को विविधवर्णी बताते हुए प्रभावी लघुकथाएं निरूपित किया |

‘फंदे ‘ लघुकथा पर चर्चा में भाग लेते हुए लघुकथाकार मुज़फ्फर इकबाल सिद्दीकी ने सँग्रह की लघुकथाएं को पाठक के ह्रदय में सीधी उतर जाने वाली लघुकथाएं निरूपित किया उनके अनुसार इन लघुकथाओं की भाषा शैली शिल्प सहज एवम सरल है | लघुकथाकार मृदुल त्यागी का कथन था कि इन लघुकथाओं में सम्वेदना का प्रबल प्रवाह है ,सभी लघुकथाएं अपने परिवेश से जुड़ी हुई हैं अपने पाठकों से सीधा संवाद स्थापित करती हैं इन लघुकथाओं में मानवीय मूल्यों का गहन विवेचन है जिनका पाठक के ह्रदय पर गहरा प्रभाव पड़ता है | ,आयोजन का सफल और सुमधुर संचालन जया आर्य ने किया |

कार्यक्रम के अंत में लघुकथा शोध केंद्र की निदेशक कांता राय ने आयोजन के निरन्तर शिखर की और सफलता पूर्वक बढ़ने पर सभी साथियों को बधाई देते हुए लघुकथा उन्नयन में इस पुस्तक पखवाड़े को मील का पत्थर बताया कार्यक्रम में लेखिका द्वय ने अपने रचना कर्म पर प्रकाश डालते हुए प्रकाशित संग्रहों पर समीक्षकों की बेवाक राय नीर क्षीर उदबोधन पर सभी का आभार एवम साथ ही सभी उपस्थित जनों का आभार प्रकट किया इस कार्यक्रम में नीरज शास्त्री , पवन जैन ,नूतन गर्ग सदानन्द कवीश्वर , शेख शहज़ाद उस्मानी ,आचार्य संजीव वर्मा सलिल , डॉ ऋचा सिंह ,आनन्द तिवारी ,गौकुल सोनी, चेतना भाटी , सुनीता सिंह , चन्दन दुबे, डॉ मंजुला चवन , आकाश सिंह ,रोहिणी शिंदे , डॉ कुमकुम गुप्ता , नीरू सिंह , अरुण अर्णव खरे, शेफालिका श्रीवास्तव , धन्यकुमार बिरजदार, सरिता बघेला , सहित अनेक लघुकथा प्रेमी लेखक व पाठक उपस्थित थे |