अविवेकपूर्ण तरीके से उर्वरकों का प्रयोग करने से मृदा का स्वास्थ्य हो रहा हैं खराब – प्रो. वर्मा Using fertilizers indiscriminately, the health of the soil is deteriorating – Prof. Varma

बून्दी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-कृषि विज्ञान केन्द्र, जिला परिषद, बून्दी के संयुक्त तत्वाधान में ‘‘विश्व मृदा दिवस’’ का आयोजन किया गया। केविके के मुख्य वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष प्रो. हरीश वर्मा ने विश्व मृदा दिवस आयोजन के महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि अविवेकपूर्ण तरीके से उर्वरकों का प्रयोग करने से मृदा का स्वास्थ्य दिनों दिन खराब होता जा रहा है। अतः विवेकपूर्ण एवं संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करने के लिए मृदा नमूनों की जाँच करवाकर ही आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति की जाये। दो-तीन वर्ष में एक बार खेत में जैविक खाद की आपूर्ति करने की सलाह दी। साथ ही प्राकृतिक खेती में कीट प्रबन्धन की विभिन्न तकनीकों की जानकारी एवं रबी फसलों में प्राकृतिक रुप से पाये जाने वाले मित्र कीटों की पहचान बताने के साथ इनके संरक्षण के उपाय भी बताये।

अविवेकपूर्ण तरीके से उर्वरकों का प्रयोग करने से मृदा का स्वास्थ्य हो रहा हैं खराब – प्रो. वर्मा Using fertilizers indiscriminately, the health of the soil is deteriorating – Prof. Varma

वाटरशेड कम डाटा सेन्टर के परियोजना प्रबन्धक एस. के. खण्डेलवाल विभाग द्वारा बून्दी जिले में किये जा रहे जल एवं मृदा संरक्षण संबंधित कार्यों की जानकारी दी। कृषि अनुसंधान अधिकारी जितेन्द्र चौधरी ने पौधों के आवश्यक पोषक तत्वों, मृदा नमूना की उपयोगिता एवं मृदा नमूना लेने की जानकारी के बारे में बताया। डॉ कमला महाजनी, गृह वैज्ञानिक ने मृदा को स्वस्थ रखने के उपाय के बारे में बतातक हुए साथ ही मानव आहार में पोषण प्रबन्धन से संबंधित जानकारी दी एवं घर में गृह वाटिका को लगाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में सहयोग दीपक कुमार, वरिष्ठ अध्येता अनुसंधान, लोकेश प्रजापत एवं रामप्रसाद ने किया। कार्यक्रम के अन्त में श्री एस.के. खण्डेलवाल, अधीक्षण अभियन्ता ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।