जिला प्रशासन की अनूठी पहलः “आहत को तत्काल राहत” से जुड़ेगा आपदा राहत कंट्रोल रूम
बून्दी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के संवेदनशील नवाचार “आहत को तत्काल राहत” कार्ययोजना को और अधिक प्रभावी एवं गतिशील बनाने के लिए आपदा कंट्रोल रूम हेल्पलाइन मोबाईल नम्बर 7014500500 को मुख्य समन्वय केंद्र के रूप में सक्रिय किया गया है।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर एच.डी.सिंह ने बताया कि इस व्यवस्था के तहत जिले में किसी भी प्रकार की आकस्मिक आपदा, सड़क दुर्घटना, डूबने, करंट लगने, वन्य जीवों का हमला, विषैलें जीवों के काटने से मृत्यु या अन्य आपात स्थिति में पीड़ित व्यक्ति की पहचान करने, परिजनों को ट्रेस करने, एम्बुलेन्स, चिकित्सा व्यवस्था, ब्लड ट्रान्सफयूजन तथा मौके पर तुरंत सहायता पहुंचाने का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जाएगा।
रूट लेवल पर विभागीय त्वरित समन्वय
सूचना मिलते ही जिला नियंत्रण कक्ष एवं सातों तहसीलों के कंट्रोल रूम तुरंत पुलिस, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, चिकित्सा विभाग, सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ, प्रशासनिक अधिकारियों एवं स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं से सीधा संपर्क स्थापित कर राहत कार्य सुनिश्चित करेंगे।
अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश
जिला कलेक्टर ने जिले के समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि जिला कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 7014500500 से प्राप्त होने वाली प्रत्येक कॉल को अत्यंत गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लिया जाए। मौके पर राहत पहुंचाने और परिजनों को सूचित करने में तनिक भी विलंब न हो।
सरकारी राहत योजनाओं से सीधे जोड़ने की व्यवस्था
कंट्रोल रूम केवल तात्कालिक बचाव तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि दुर्घटना या आपदा पीड़ित पात्र परिवारों को केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य भी करेगा। इसमें मुख्य रूप से बिजली करंट से मृत्यु/दुर्घटना, पानी में डूबना, हिट एंड रन, कृषि उपज मंडी समिति, सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं वन विभाग से संबंधित राहत योजनाएं, पालनहार योजना, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन एवं अन्य आपातकालीन वित्तीय सहायता। बैंको से सीधी जुड़ी हुई प्रधानमंत्री जन धन योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना से लाभ शामिल है । जिला प्रशासन की यह पहल संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों के लिए संबल बनेगी और सूचनाओं के त्वरित प्रवाह से सरकारी मदद, बिना किसी देरी के धरातल पर पहुंचेगी।
