चार सौ से ज्यादा अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई के लिए कलेक्टर ने की सूची तलब, जल्द हो सकती है कार्रवाई

भिण्ड.ShashikantGoyal/ @www.rubarunews.com>> जिले सहित अचंल में चार सौ से जयादा अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई के लिए कलेक्टर ने सूची तलब की है और जल्द ही भू-माफियाओं पर गाज गिर सकती है। जिले में ठेकेदारों ने नवीन कॉलोनियों में किसी तरह की लोगों को सुविधा दिये बगैर लाखों-करोड़ों कमायें है। पिछले 15 से 20 सालों में चार सौ से ज्यादा अवैध कॉलोनियों को बना दी। इस दौरान टाउन ऑफ कंट्री प्लानिंग की शर्तों को पूरा नहीं किया। इन कॉलोनियों के रहवासियों के लिए पक्की सडक, पेयजल सप्लाई, सीवर, बिजली और पार्क जैसी सुविधाएं नहीं दी। जिला प्रशासन ने ऐसी कॉलोनियों की सूची तलब की है। अब इन कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।

 

यहां पर बसाही गई नवीन कॉलोनियां

शहर के वायपास मार्ग, इटावा रोड, ग्वालियर रोड, लहार रोड, अटेर रोड,भारौलीए कुम्हरौआ मार्ग पर आए दिन नई कॉलोनियों की बसाहट होती जा रही है। इन कॉलोनियों ने चार सौ से लेकर दो हजार रुपए तक के प्रति वर्ग फीट के हिसाब से प्लॉट बेचे जा रहे हैं। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि पूरे जिले में पिछले दो दशक में बनाई गई कॉलोनियों में टाउन ऑफ कंट्री प्लानिंग की शर्तों को पूरा नहीं किया गया। अकेले भिंड अनुविभाग की बात करें तो दो सौ से ज्यादा कॉलोनी बन चुकी है। भिंड कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने इन कॉलोनियों की जानकारी जुटाना शुरू कर दी है।

 

जिले सहित अंचल में अवैध कॉलोनियां

कलेक्टर ने लहार, गोहद, मेहगांव और अटेर अनुविभाग के एसडीएम को अवैध कॉलोनियों की सूची चिंहित कर जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनी गोहद में बनी हुई है। यहां 90 से ज्यादा कॉलोनियों की बसाहट हुई है। दूसरे नंबर पर मेहगांव है। यहां 70 से ज्यादा कॉलोनियां बसाई गई हैं। इसके बाद लहार में 50 और अटेर अनुविभाग में 40 कॉलोनियों है। यह कॉलोनी कृषि भूमि पर ही बनाई गई है। कॉलोनी बनाए जाते समय भूमि का कर्मिशयल स्थानांतरण नहीं किया गया है। जमीन का बिना डायवर्सन कराए ही करोडों रुपए की बेचकर टैक्स दिए बगैर पूरा पैसा हजम कर गए।

 

नवीन कॉलोनियों में जमकर होती बिजली चोरी

जिलेभर की चार सौ से ज्यादा कॉलोनियों में बिजली सप्लाई स्ट्रेक्चर तैयार नहीं किया गया है। इन कॉलोनियों में बिजली के पोलए ट्रांसफॉर्मरए स्ट्रीट लाइट जैसी व्यवस्था नहीं की गई। इसके अलावा दो सौ से ज्यादा आवासों के बीच एक सब स्टेशन की जरूरत होती है। इन नियमों की अनदेखी की जाती रही। इस वजह से इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग दूर से बिजली के तारों को लेकर जा रहे हैं। जिससे आसपास के ट्रांसफॉर्मरों ओवर लोडिड होते जा रहे हैं।

इनका कहना है:

जिले में अवैध कॉलोनी बनाने वाले कॉलोनाइजरों को नोटिस दिए जाएंगे। शासन इन से टैक्स वसूलेगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी

-सतीश कुमार एस, कलेक्टर भिण्ड