पॉवर ग्रिड कंपनी के इंजीनियरों को गांव वालों ने बनाया बंधक-खेत में टावर लगाने को लेकर हुआ विवाद

   भिण्ड.ShashikantGoyal/ @www.rubarunews.com>> जिले में इन दिनों पावर ग्रिड कंपनी बिजली सप्लाई विस्तार के लिए नए टावर लगा रही है, लेकिन यह कंपनी भिंड में बिना किसी इजाजत के किसी के भी खेत में टावर लगा रही है, खेत में टावर लगा रही कंपनी का किसान के बेटे ने विरोध किया, तो कंपनी ने किसान को जाति सूचक शब्द कहकर मारपीट की, थाने में भी किसान की सुनवाई नहीं हुई,् जिसके बाद ग्रामीण थाने में ही धरने पर बैठ गए। पावर ग्रिड कंपनी की तानाशाही पूरे भिंड जिले के किसानों पर हावी है,कंपनी बल पूर्वक किसी भी किसान के खेत में टावर लगा रही हैं, पुलिस में शिकायत के बाद सुनवाई ना होने से पावर ग्रिड कंपनी की गुंडागर्दी बेलगाम हो रही है। ज्ञात हो कि मेहगांव के मोरोली गांव में गांव वालों और पावर ग्रिड कंपनी के इंजीनियर-कर्मचारियों में रविवार शाम विवाद हो गया। पावर ग्रिड कंपनी के कर्मचारी 220 केवी की बिजली लाइन का टावर लगाने पहुंचे थे, जबकि गांव वाले ऐसा नहीं चाहते थे। इसी बात पर दोनों पक्षों में झग?ा हो गया। गांव के एक युवक की मारपीट भी कर दी गई। गांव के लोग एकजुट हो गए। उन्होंने कंपनी के इंजीनियरए सुपरवाइजर व अन्य कर्मचारियों को बंधक बना लिया। कंपनी के कर्मचारियों ने थाने में शिकायत की है। पावर ग्रिड कंपनी के जूनियर इंजीनियर शिवम अवस्थी और फील्ड ऑफिसर अमित सिंह मेंहगांव थाने पहुंचे। इन दोनों कर्मचारियों ने मोरोली गांव के लोगों के खिलाफ आवेदन दिया। बताया कि गांव के लोगों ने साइड पर टावर क्र. 14/1 के बेस का काम कराया जा रहा था, तभी गांव के लोगों ने इंजीनियर विवेक वाजपेयी सुपरवाइजर रहमान व अन्य दो कर्मचारियों को बंधक बना लिया। इन लोगों के मोबाइल छीन लिए हैं। इस शिकायत पर पुलिस घटना स्थल के लिए रवाना हो गई। इसके बाद जब पुलिस मौके पर पहुंचीए तब सब इधर.उधर होने गए। वहींए गांव के लोग पीडि़त किसान के साथ थाने भी पहुंच गए और इंजीनियरों के खिलाफ  मारपीट का आरोप लगाते रहे।

 

टॉवर लगाने से रोका तो कंपनी के लोगों ने गांव का किसान किशन लाल से की मारपीट

गांव के लोगों के मुताबिक मोरोली गांव के किशन लाल जाटव की मां को देहांत दो रोज पहले हो गया था। परिवार शोकाकुल होने की वजह से खेतों पर नहीं आया। इधर, पावर ग्रिड कंपनी के अफसरों ने खेत के बीचों-बीच टावर खडा करना शुरू कर दिया। यह सूचना पर किशन लाल जाटव, अकेला ही खेत पर चला गया। यहां पावर ग्रिड कंपनी के इंजीनियर, सुपरवाइजर व अन्य कर्मचारियों ने उसकी मारपीट कर दी। यह घटना की जानकारी गांव वालों को लगी तो वो खेत पर पहुंच गए। इसके बाद सभी ने इंजीनियर व सुपरवाइजर को आने नहीं दिया। खेत पर ही रोक लिया। गांव के कृष्णकांत शुक्ला का कहना है कि गांव के किसान के साथ मारपीट पावर ग्रिड के लोगों ने की है। इसलिए गांव के लोगों में आक्रोश है।

 

इंजीनियरों को बनाया बंधक

पावर ग्रिड कंपनी के सहायक प्रबंधकलाइन निर्माण, आनंद कैरा का कहना है कि मुरैना से 220 केवी की लाइन भिंड आ रही है। इसी का टावर खडा किया जा रहा है। मोरोली गांव में कृष्णकांत शुक्ला द्वारा गांव के लोगों को भडकाया गया है। किसी से कोई मारपीट नहीं की गई। टावर का काम किए जाने के दौरान इंजीनियर व अन्य लोगों को बंधक बनाया गया।

 

नहीं की एफआईआर, धरने पर बैठे रहे किसान

पॉवर ग्रिड कंपनी के ठेकेदारों ने किसान किशन जाटव के साथ मारपीट और जातिगत टिप्पणी की, जिसकी शिकायत करने मेहगांव थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने भी उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की और थाने से बाहर निकाल कर कंपनी वालों से समझौते की सलाह दे डाली, इससे आहत किसान और अन्य पीडि़त गांव वाले थाने पर पावर ग्रिड कंपनी के खिलाफ  कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। यह पहली बार नहीं है जब जिले में बिजली टावर लगाने वाली कंपनी पावर ग्रिड ने किसानों के साथ मारपीट की है, इससे पहले भी कई किसान कंपनी के अनुबंध के नाम पर धोखे का शिकार हो चुके हैं, कंपनी उनके खेतों में जबरन टावर लगा रही हैं, पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई ना होने से पावर ग्रिड कंपनी मनमानी पर उतारू है और किसान न्याय के लिए दर दर भटक रहे हैं।