बरसी पर स्मरण- जवाहर लाल नेहरू जी के प्रेरक अवदान का महत्व ।

भोपाल. शैलेन्द्र शैली-  भारत के प्रथम प्रधानमंत्री और विश्व शांति के महान प्रणेता जवाहर लाल नेहरू जी ने जीवन ,राजनीति , और सत्ता में जो लोकतांत्रिक ,धर्म निरपेक्ष ,समाजवादी मूल्य स्थापित किए ,वे मूल्य प्रेरक तथा अविस्मरणीय हैं ।यह मूल्य फासीवाद के प्रतिरोध हेतु ऊर्जा देते हैं ।

नेहरू जी के निधन की आधी सदी बाद भी प्रतिगामी ,फासीवादी ताकतें उनकी छवि को खंडित करती रहती हैं ।सिर्फ एक व्यक्ति के मन की बात और तर्क विहीन ,अवैज्ञानिक बातों को भ्रामक दुष्प्रचार करके जनता पर थोपने वाला प्रचार तंत्र आखिर ऐसा क्यों कर रहा है ,तो इसका सीधा जवाब है कि नेहरू जी की छवि आज भी फासीवाद के मार्ग में बाधक है ।नेहरू जी ने साहित्य ,संस्कृति ,राजनीति और जन जीवन में सहिष्णुता ,असहमति को सम्मान ,विश्व शांति की जो परंपराएं स्थापित की उससे गरिमा विहीन , बड़बोले शासकों का कद बहुत बौना साबित होता है ।
नेहरू जी के गरिमामय ,इतिहास की तर्क संगत समझ से परिपूर्ण बौद्धिक ,सुसभ्य ,शालीन व्यक्तित्व के सामने फासीवादी ताकतों के बड़बोले शासकों की छवि हास्यास्पद हो जाती है ।

यह ही जवाहर लाल नेहरु जी के प्रेरक अवदान और मूल्यों का महत्व है ।इन मूल्यों को साकार करना ही नेहरू जी को सार्थक श्रद्धांजलि है ।