जल प्रबंधन कर क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना योजना का उद्देश्य- डॉ. जितेन्द्र जैन निदेशक

जल सुरक्षा कार्य योजना निर्माण प्रशिक्षण में रामजीशरण राय ने सहभागिता की

हर व्यक्ति विशेषज्ञ है, हमें सहजकर्ता बनकर समुदाय को सहयोग करना है- श्रीमती उर्मिला शुक्ला, निदेशक वाल्मी

जल प्रबंधन कर क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना योजना का उद्देश्य- डॉ. जितेन्द्र जैन निदेशक

दतिया @rubarunews com>>>>>>>>>>>>>>>> राष्ट्रीय स्तर पर संचालित पायलट परियोजना “अटल भूजल योजना” के तहत भूगर्भीय जल सुरक्षा कार्य योजना निर्माण विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित वाल्मी भोपाल में किया गया।

आयोजित प्रशिक्षण मध्यप्रदेश जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान (वाल्मी) भोपाल एवं परमार्थ संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में पांच राज्यों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की जिसमें मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, राजस्थान व बिहार के प्रतिभागियों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण में अटल भूजल योजना के राज्य निदेशक डॉ. जितेंद्र जैन, परमार्थ के संचालक डॉ. संजय सिंह, भूगर्भीय वैज्ञानिक डॉ. आर.एम. सिंह, डॉ. सुभाष सिंह, डॉ. योगेश बन्धु विश्व बैंक सलाहकार आदि द्वारा अटल भूजल योजना के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक जानकारी देते हुए प्रशिक्षण दिया गया।

उक्त प्रशिक्षण उपरांत प्रतिभागियों को अपने-अपने प्रदेश के पायलट परियोजना के चयनित जिलों में जाकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने हैं। जमीनी स्तरीय प्रशिक्षण ग्राम पंचायत स्तरीय जल सुरक्षा कार्य योजना का निर्माण कराने हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया जाना है ताकि प्रभावी जल सुरक्षा कार्य योजना निर्मित होकर क्रियान्वित हो सके और जो पानी किल्लत से जूझ रहे हैं वे पानीदार हो सकें। स्थानीय स्तर पर सामुदायिक भागीदारी योजना निर्माण, माँग व सप्लाई के साथ ही समुचित जल सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित हो सके।

आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के दतिया जिले से रामजीशरण राय, निवाड़ी से मस्तराम सिंह घोष, अजय नामदेव, टीकमगढ़ से रामकुमारी हनुमंते, उत्तरप्रदेश झांसी से परियोजना समन्वयक शिवानी सिंह, अनुराग सिंह, सत्यम, सिद्ध गोपाल सिंह, रामकुमार जादौन, सुदामा प्रसाद गुप्ता, जितेंद्र सिंह, जितेंद्र वर्मा, पंकज कुमार सहित छत्तीसगढ, बिहार व राजस्थान के प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण सफलता पूर्वक प्राप्त किया। उक्त जानकारी रामजीशरण राय ने दी।