एनएसएस का उद्देश्य युवाओं में सेवा, अनुशासन एवं सामाजिक दायित्व की भावना का विकास करना करना – डॉ. बिरला
बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- राजकीय कन्या महाविद्यालय में एनएसएस के अंतर्गत 16 जनवरी से 22 जनवरी तक आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।उद्घाटन सत्र में जिला समन्वयक एनएसएस डॉ. आशुतोष बिरला ने संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस का उद्देश्य युवाओं में सेवा, अनुशासन एवं सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करना है। उन्होंने छात्राओं से शिविर की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का आह्वान किया।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी मुस्कान गोदिका ने सात दिवसीय विशेष शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विभिन्न सत्रों एवं गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। प्राचार्य डॉ. संदीप यादव ने कहा कि ऐसे शिविर छात्राओं के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक चेतना को सशक्त करते हैं।
शिविर के प्रथम सत्र में योग एवं व्यायाम के पश्चात महिला सशक्तिकरण विषय पर नारा लेखन प्रतियोगिता एवं लंगड़ी टांग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
नारा लेखन प्रतियोगिता में माधवी वर्मा ने प्रथम स्थान, पारुल सोनी ने द्वितीय स्थान एवं तन्वी महेश्वरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं लंगड़ी टांग प्रतियोगिता में वंदना गुर्जर ने प्रथम स्थान, मीनाक्षी मेघवाल ने द्वितीय स्थान एवं अंजली वर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन डॉ. बीरम देव एवं डॉ. हेमराज सैनी के निर्णायक मंडल द्वारा किया गया।
द्वितीय सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में आयुर्वेदिक विभाग, सामान्य चिकित्सालय बूंदी से आमंत्रित डॉ. विजया जैन ने महिला सशक्तिकरण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का आधार एक स्वस्थ शरीर एवं सशक्त मानसिकता है। जब तक महिलाएं शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक रूप से स्वस्थ नहीं होंगी, तब तक वे परिवार और समाज को सुदृढ़ नहीं बना सकतीं।
तृतीय सत्र में महाविद्यालय द्वारा गोद ली गई रामदेव बस्ती में रैली निकालकर महिला सशक्तिकरण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया
