प्रकृति की बात प्रकृति के साथ करते हुए, पर्यावरण मंथन पर हुआ संगोष्ठी का आयोजन

भिण्ड.ShashikantRathore/ @www.rubarunews.com>> भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय पदाधिकारी रहे स्व. डॉ. श्याम बिहारी शर्मा की स्मृति में 27 जून दिन रविवार को गफ्फार मैरिज गार्डन में पर्यावरण मंथन एवं तुलसी वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकार बंधु सामाजिक संगठनों के सदस्यगण और प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे। पर्यावरण मंथन संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए प्रोफेसर रामानंद शर्मा ने कहा कि मृदा प्रदूषणएवायु प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग आदि पर्यावरण असंतुलन के परिणाम है। पर्यावरण का सीधा संबंध प्रकृति से है हम तरह.तरह के जीव.जंतुए पेड़-पौधे तथा अन्य सजीव. निर्जीव वस्तुएं पाते हैं। आज आधुनिक समाज को पर्यावरण से संबंधित समस्याओं की विस्तृत अध्ययन के साथ-साथ पर्यावरण का व्यवहारिक ज्ञान भी दिया जाए। इसी क्रम में हरे कृष्ण शर्मा ने कहा कि हम अपने पर्यावरण को संतुलित रखने हेतु चिंतन करें और पर्यावरणीय संसाधनों का इस प्रकार युक्त उपयोग करें कि होने आने वाली पीढिय़ों को भी हम धरोहर के रूप में हस्तांतरित कर सकें।

 

पर्यावरण संगोष्ठी में  शशिकांत शर्मा  ने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण में मुख्य बाधक बढ़ती जनसंख्या व प्रगति के नाम पर आर्थिक लाभ के लिए वनों को अधिवक्ता गति से काटा जाना बताया उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों लोगों को यह संकल्प लेना चाहिए कि एक-एक पौधा अवश्य लगाएं। इसी क्रम में मातृ शक्ति के रूप में आशा भदौरिया ने कहा कि भारत में सभ्यता संस्कृति आर्थिक नीति रहन-सहन पहनावे भाषा बोली की व्यवस्था है फिर भी इन सभी में जीवन के लिए नितांत आवश्यक है शुद्ध हवा पानी सभी को ऑक्सीजन चाहिए तो ऐसे में पर्यावरणीय समर सत्ता स्थापित होनी चाहिए। संगोष्ठी को संबोधित रमन दीदी, श्रीमती आभा जैन, नीतू राजावत, श्रवण पाठक,सुरेंद्र भदौरिया, राहुल राजावत, प्रिंस भदौरिया, गिरीश शर्मा, नितिन दिक्षित राजमणि शर्मा, विपुल सेठ शैलेश सक्सेना, अब्बास अहमद, इमरान खान, हसरत अली आदि ने भी संबोधित किया। पर्यावरण संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर इकबाल अली और आभार स्वर्गीय डॉ. श्याम बिहारी शर्मा जी के बड़े सुपुत्र जय प्रकाश शर्मा ने किया।