सुभाष बाबू ने कहा था ; कोई एक धार्मिक प्रतीक राष्ट्र या सेना का चिन्ह नहीं हो सकता Subhash Babu had said; No one religious symbol can be the symbol of a nation or army

भोपाल.Desk/ @www.rubarunews.com-  प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक सामाजिक संगठनो एवं गणमान्य नागरिको का एक साझा सम्मेलन आज, नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयन्ती के अवसर पर भोपाल के गांधी भवन में हुआ। इस सम्मेलन का उद्घाटन पूर्व सांसद सुभाषिणी अली ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में सीपीआई नेता डॉ भालचन्द्र कांगो उपस्थित थे।

सम्मेलन का उदघाटन पूर्व सांसद और सी.पी.एम. पोलित ब्यूरो सदस्य सुभाषिणी अली ने किया। अपने उदघाटन भाषण में उन्होंने देश और समाज में भड़काये जा रहे उन्माद का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा करने वाली ताकतों का असली मकसद अडानी अम्बानी जैसे खरबपतियों की लूट को छुपाना, इस लूट से पीड़ित जनता का ध्यान भटका कर उसे आपस में लड़ाना और देश की एकता को खतरे में डालना है। यह ऐसा गंभीर हमला है जिसके निशाने पर हजारों साल पुरानी साझी विरासत और उसका मूर्त रूप भारत का संविधान भी है। सीपीएम पोलित ब्यूरो की सदस्य सुभाषिणी अली ने कहा कि साम्प्रदायिक विभाजन पर आधारित राजनीति यह आजादी के आंदोलन की भावना के विपरीत और उसमे हासिल किये गए राष्ट्रीय मूल्यों के खिलाफ है। सुभाष चंद्र बोस के कई संस्मरण सुनाते हुए उन्होंने कहा कि नेताजी पूरी तरह साम्प्रदायिकता और धर्म आधारित राजनीति के खिलाफ थे। उनकी दृढ राय थी कि कोई एक धार्मिक प्रतीक राष्ट्र या सेना का चिन्ह नहीं हो सकता।

सुभाष बाबू ने कहा था ; कोई एक धार्मिक प्रतीक राष्ट्र या सेना का चिन्ह नहीं हो सकता Subhash Babu had said; No one religious symbol can be the symbol of a nation or army

सम्मेलन मे बोलते हुए सीपीआई के राष्ट्रीय सचिवमंडल सदस्य भालचंद कांगों ने साम्प्रदायिक उन्माद की आड़ में देश की सम्पत्तितों को बेचे जाने, जनता से उसके लोकतांत्रिक अधिकार छीने जाने सहित मौजूदा राजनीतिक हालात से जुड़ी अनेक जानकारियां दीं। शिवाजी महाराज के सच्चे मूल्यांकन वाली गोविन्द पानसारे की दस लाख से ज्यादा प्रतियां जनता के बीच पहुंचाने के अभियान से जुड़े कांगो ने मेहनतकश जनता और लोकतंत्र तथा संविधान के समर्थक लोगो की एकजुटता की अपील की और कहा कि इन्ही की ताकत पर देश और जनता को बचाया जा सकता है। ।

सम्मेलन में मध्यप्रदेश की स्थितियों के बारे में बोलते हुए सीपीआई के राज्य सह सचिव कॉमरेड हरिद्वार सिंह ने कहा कि हमे कबीर की तरह सच सच बोलने का साहस रखना चाहिए। तभी जनता हमारे साथ आएगी और नफरत फैलाने वालों को सबक सिखाएगी।
सीपीएम राज्य सचिव जसविंदर सिंह, सीपीआई सहायक राज्य सचिव हरिद्वार सिंह, राष्ट्रीय जनता दल के स्वरुप नायक, सपा के मनोज यादव, राष्टीय समानत दल के इंजिनियर महेश कुशवाह, समाजवादी जनपरिषद के गोपाल राठी, महिला आंदोलन की सुश्री संध्या शैली, एचएमएस के अध्यक्ष हरीओम सूर्यवंशी, किसान जागृति संगठन के इरफ़ान जाफरी, ओबीसी महासभा के शिशुपाल यादव, युवा नेता शुभम यादव भी बोले। वरिष्ठ पत्रकार लज्जा शंकर हरदेनिया ने देश और प्रदेश की सारी धर्मनिरपेक्ष शक्तियों की एकजुटता का आव्हान किया। आभार प्रदर्शन सीपीआई से सत्यम पांडेय ने किया।

सम्मेलन की अध्यक्षता बादल सरोज, शैलेन्द्र कुमार शैली, प्रदीप कुशवाहा, अजुआ श्रीवास्तव, मनोज यादव के अध्यक्ष मंडल ने की। आज के इस सम्मेलन में समाजवादी नेता और पूर्व सांसद शारद यादव के कुछ दिन पहले हुए निधन पर उन्हें श्रधंजलि दी गयी। एक मिंट का मौन रखकर उनके आदमकद चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गयी। सम्मेलन के अंतिम सत्र में “सर उठाता गोडसे” शीर्षक पुस्तक का विमोचन कवि सम्पादिका आरती ने किया और इसकी पहली प्रति सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल राठी को भेंट की गयी। गांधी हत्या की 75वी बरसी पर लोकजतन प्रकाशन द्वारा जारी 23 पन्नो की यह किताब लोकजतन के पूर्व सम्पादक तथा वामपंथी नेता जसविंदर सिंह ने लिखी है।