रतनूपुरा हत्याकांड में पुलिस नहीं लगा पायी सुराग, अभी भी पुलिस उलझन में

भिण्ड.ShashikantGoyal/ @www.rubarunews.com>> बीते 24 मई की देर रात देहात थाना क्षेत्र के रतनूपुरा में रेप पीडि़ता को गोली लगने घायल होने व रेप के आरोपी की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस की जांच थम गई है। पुलिस गोली लगने से घायल हुई रेप पीडि़ता से कोई खास जानकारी नहीं उगलवा सकी। घटनास्थल पर रेप के आरोपी का शव मिला था। पुलिस का मानना है कि रेप के आरोपी न्यायालयीन निलंबित कर्मचारी ने ही गोली चलाई थी। फिलहाल गोली लगने से घायल हुई महिला उपचार के लिए ग्वालियर से दिल्ली रेफर हो गई।

 

करीब 14 दिन पहले रतनूपुरा में गोली लगने से फौजी की पत्नी घायल हुई थी। घर के बेड रूम में न्यायालयीन से निलंबित कर्मचारी नरेंद्र सिंह का शव मिला था। इस मामले में पुलिस ने शुरूआती दौर में खूब भागदौड़ की। पुलिस ने हर एंगल से जांच की। जैसे जैसे दिन व्यतीत हुए जांच भी अब ठंडी होती गई। अब तक की जांच में पुलिस ने यह मानकर बैठी है कि मृतक नरेंद्र का महिला से पुराना मेल जोल था। नरेंद्र, न्यायालय का कर्मचारी था। दो साल पहले महिला ने नरेंद्र पर रेप का आरोप फौजी पति के कहने पर लगाया था। इसके बाद नरेंद्र को 11 महीने जेल में रहना पड़ा था। इस वजह से वो नौकरी से निलंबित चल रहा था। नौकरी से निलंबित होने के बाद नरेंद्र की माली हालत खराब हो गई थी। इधर सामाजिक स्तर भी गिर चुका था। नरेंद्र, बदनामी के डर से भिंड छोड़कर डबरा अपनी बहन के मकान में किराए से रह रहा था। वो बार-बार महिला से राजीनामा करने को लेकर दबाव बना रहा था।

 

महिला ने ही खोला था घर का दरवाजा

पुलिस के मुताबिक नरेंद्र 24 मई की रात महिला के पास पहुंचा। महिला ने ही गेट खोलकर अंदर नरेंद्र को आने दिया। इसके बाद महिला से बार-बार कहने के बाद भी रेप मामले में राजीनामा न होने पर वो पूरी तैयारी के साथ गया था। पुलिस का कहना है कि नरेंद्र अपने साथ हथियार लेकर आया था। पहले नरेंद्र ने महिला के मोबाइल से चैट को डिलीट किया। फिर अपने मोबाइल से एक महीने पूरानी चैट डिलीट की। इसके बाद राजीनामा न होने से दुखी होकर नरेंद्र ने पहले महिला पर गोली चलाई फिर खुद आत्महत्या कर ली। यह घटना सोमवार की रात से लेकर मंगलवार की रात के बीच कब घटित हुई। पुलिस को इस मामले की जानकारी मंगलवार की रात करीब आठ बजे लगी थी।

घटना से पहले साथी कर्मचारी से की थी फोन बातचीत

नरेंद्र ने घटना वाले दिन रात करीब 11 बजे न्यायालय के एक कर्मचारी को फोन करके राजीनामा किए जाने की बात कही थी। उक्त कर्मचारी से लंबी बातचीत होने पर पुलिस ने उक्त न्यायालय कर्मचारी से भी पूछताछ की। इस पूछताछ में यह बात सामने आई कि वो महिला से राजीनामा करने की बात कर रहा था। फिलहाल पुलिस अब नरेंद्र द्वारा तनाव में आकर गोली चलाकर महिला को हत्या करने व स्वयं की जीवन लीला समाप्त किए जाने की बात कहकर फाइल को बंद करती नजर आ रही है।