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कृषि की विभिन्न योजनाओं एवं नवीनतम कृषि तकनीकों से अवगत कराने हेतु जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-कृषि विज्ञान केन्द्र, बूंदी द्वारा कृषकों को कृषि की विभिन्न योजनाओं एवं नवीनतम कृषि तकनीकों से अवगत कराने के उद्देश्य से कृषक जागरूकता कार्यक्रम का बुधवार को आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम आईसीएआर भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद के सहयोग से अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्राम नरशीपुरा एवं झरबालापुरा सहित आसपास के क्षेत्रों से आए लगभग 80 से अधिक कृषक महिलाओं एवं पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रभारी डॉ. महेश चौधरी ने उपस्थित कृषकों को संबोधित करते हुए केन्द्र द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा किसान हित में संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र का मुख्य उद्देश्य किसानों तक नवीनतम वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का प्रसार करना तथा उन्हें वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से खेती करने के लिए प्रेरित करना है, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता एवं आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। डॉ. चौधरी ने कृषकों को तिलहनी फसलों की उन्नत किस्मों, उन्नत उत्पादन तकनीकों, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन तथा उत्पादन वृद्धि के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने बागवानी फसलों की वैज्ञानिक खेती, फल एवं सब्जी उत्पादन, पौधरोपण की वैज्ञानिक विधि, पोषक तत्व प्रबंधन तथा बाजार उन्मुख खेती के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसान यदि पारंपरिक खेती के साथ-साथ तिलहनी एवं बागवानी फसलों को अपनाते हैं तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावनाएँ बढ़ सकती है।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अनुसंधान अध्येता डॉ. दीपक कुमार ने कृषकों को पशुपालन से संबंधित आधुनिक तकनीकों एवं प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पशुओं के उचित प्रबंधन, संतुलित आहार, नस्ल सुधार, समय पर टीकाकरण, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों तथा पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों को खेती के साथ पशुपालन को अपनाने की सलाह दी, जिससे उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हो सकें। कार्यक्रम के दौरान विकास ताखर व हरदीप भी मौजूद रहे। इस अवसर पर उपस्थित कृषकों ने स्वयं सहायता समूह, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), कृषि एवं पशुपालन से संबंधित विभिन्न समस्याओं पर वैज्ञानिकों के साथ संवाद किया तथा उनके समाधान प्राप्त किए। कार्यक्रम के अंत में कृषकों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने, तिलहनी एवं बागवानी फसलों का क्षेत्र बढ़ाने तथा समेकित कृषि प्रणाली को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि करने के लिए प्रेरित किया गया।