दीक्षा दिवस पर जैन मुनि की कठिन साधना एकासन पर निराहार रहकर 24 घंटे ध्यानस्थ रहे मुनि निष्कंपसागर

खानपुर.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-  यहां स्थित दिगंबर जैन मंदिर चंद्रोदय चांदखेड़ी में विराजित मुनि निष्कंपसागर महाराज अपने नौवें दीक्षा दिवस पर गुरूवार सुबह से शुक्रवार सुबह तक भूगर्भ में आदिनाथ स्वामी की प्रतिमा के आगे एकासन में ध्यानस्थ रहे। खास बात यह कि इस दौरान मुनिश्री अन्न जल त्याग कर निराहार रहे। इस कठिन तपस्या की जानकारी मिलते ही श्रद्धालू आश्चर्यचकित रह गए। चांदखेड़ी मंदिर के अध्यक्ष हुकम जैन काका ने बताया कि गुरूवार को आचार्य विद्यासागर महाराज के शिष्य ओर मुनि पुंगव सुधासागर महाराज के सघस्थ मुनि निष्कंपसागर महाराज का नौवां दीक्षा दिवस था। इस पर मुनिश्री गुरूवार सुबह आदिनाथ स्वामी के अभिषेक ओर शांतिधारा के समय से ही आदिनाथ स्वामी की प्रतिमा के आगे आसन लगाकर ध्यानस्थ हो गए। काका ने बताया कि मुनि पूरे समय एक ही मुद्रा में ध्यानस्थ रहे। मुनिश्री की यह तपस्या पूरे 24 घंटे बाद शुक्रवार सुबह आदिनाथ स्वामी के अभिषेक ओर शांतिधारा के बाद पूरी हुई। इस दौरान मुनिश्री अन्न जल त्याग कर निराहार रहे। जैन ने बताया कि दिगंबर जैन संत 24 घंटे में एक ही बार अन्न ओर जल ग्रहण करते हैं। ऐसे में निष्कंपसागर महाराज ने बुधवार का आहार करने के पूरे 48 घंटे बाद अन्न जल ग्रहण किया। मुनिश्री की इस कठिप तपस्या पर श्रद्धालू भाव विभोर हो गए। मुनिश्री के दीक्षा दिवस पर कई श्रद्धालूओं ने रंगोली सजाने के बाद दीप जलाकर दीक्षा दिवस मनाया। कई श्रद्धालूओं ने गौशाला में चारा, पक्षी विहार में चुग्गादाना ओर वृद्धाश्रम में भोजन आदि वितरित किया। गौरतलब है कि चांदखेड़ी में दिगंबर जैनाचार्य मुनि पुंगव सुधासागर महाराज ससंघ का चातुर्मास चल रहा है।

चांदखेड़ी में बह रही धर्म- ध्यान की बयारः
चांदखेड़ी में विराजित मुनि पुंगव सुधासागर महाराज ससंघ के सानिध्य मे सुबह से शाम तक मंदिर में धर्म ध्यान की बयार बह रही है। यहां प्रतिदिन अल सुबह गुरू भक्ति, आदिनाथ स्वामी का अभिषेक ओर शांतिधारा, मुनिश्री सुधासागर महाराज के प्रवचन, आहार चर्या, सामायिक, शास्त्र वाचन, जिज्ञासा समाधान, आरती ओर वैयावृत्ति के कार्यक्रम जारी है। मुनिश्री के संघ में मुनि महासागर, मुनि निष्कंपसागर, क्षुल्लक गंभीरसागर ओर धैर्यसागर महाराज चांदखेड़ी में विराजमान है।