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पौराणिक पुस्तकालय से अब नवीन पुस्तकालय में बदलने की जरूरत

बून्दी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट बूंदी में दो दिवसीय विद्यालय में उपलब्ध बाल साहित्य और संवाद एवं उपयोग हेतु क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण का समापन हुआ।
प्रशिक्षण के समापन पर बोलते हुए डब्ल्यू ई प्रभाग अध्यक्ष जेपी त्रिपाठी ने सभी पुस्तकालय अध्यक्षों व प्रभारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पुस्तकालय की महती आवश्यकता है इसको पौराणिक पुस्तकालय से अब नवीन पुस्तकालय में बदलने की जरूरत है, अब नयी लाइब्रेरी का दौर शुरू हो चुका है इस कारण सभी को नए तरीके से पुस्तकालय का संचालन करना होगा। डब्ल्यू ईल प्रभाग के चित्रकला के व्याख्याता विवेक उतरेजा ने बताया कि प्रत्येक लाइब्रेरी में चित्रांकन के माध्यम से बच्चों को आकर्षित किया जा सकता है।
इस प्रशिक्षण में राज्य संदर्भ व्यक्ति मनीष कुमार नेकेला ने 26  पुस्तकालय अध्यक्ष व प्रभारियों को प्रशिक्षण दिया गया।  प्रशिक्षण में स्मार्ट बोर्ड की सहायता से भी प्रशिक्षित किया गया।पुरानी लाइब्रेरी वह नई लाइब्रेरी का स्वरूप कैसा होगा इस पर चर्चा की गई।बच्चों को किस प्रकार से पुस्तकालय पर वर्तमान समय के अनुसार बच्चों से संवाद करके उनको पुस्तकालय की ओर आकर्षित करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर डाइट के व्याख्याता प्रदीप कुमार शर्मा, पुस्तकालय अध्यक्षों में सरोज जोशी,मधुबाला अग्रवाल, एकता जांगिड़ सुशीला मीणा,अभय राव चंपालाल प्रेमचंद सैनी गोविंद कुमार शर्मा मानसिंह मीणा देवेंद्र मालव, नरेंद्र कुमार टेलर, मनीष जडेजा ने भी अपने विचार व्यक्त किये।