पर्यावरण की दृष्टि से नीम काफी उपयोगी-कलेक्टर

श्योपुर.Desk/ @www.rubarunews.com>>कलेक्टर शिवम वर्मा ने पीजी कॉलेज श्योपुर के प्रांगण में अमृत महोत्सव के अंतर्गत आज शीशम का पौधा रोपकर पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अभियान के रूप में 245 नीम और शीशम के पौधों का रोपण किया। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि एंटीबायोटिक तत्वों से भरपूर नीम को सर्वोच्च औषधि के रूप में जाना जाता है। नीम स्वाद में भले ही कड़वा हो, लेकिन इससे होने वाले लाभ अमृत के समान होते हैं। पर्यावरण की दृष्टि से भी नीम बहुत उपयोगी है।
कलेक्टर  शिवम वर्मा ने पौधा रोपण अभियान के दौरान कहा कि वायुदूत एप में पौधा रोपने का पंजीयन कराया जावे। साथ ही पौधों की संख्या की एन्ट्री की जावेगी। उन्होने कहा कि पौधों का मानव जीवन में विशेष महत्व है। इसलिए पर्यावरण की शुद्धता के लिए हम सभी को पौधे लगाने चाहिए। उन्होने कहा कि विभागीय अधिकारी, कॉलेज के प्रोफेसर, महाविद्यालय के छात्र/छात्राओ के अलावा एनएसएस, एनसीसी के छात्रो ने भी पौधा रोपण किया है। यह पौधे बडे होकर पेड का रूप लेगें। इनका सरंक्षण महाविद्यालय की ओर से कराया जावे। साथ ही पानी और उनकी देखरेख की व्यवस्था की जावे। कलेक्टर ने छात्र/छात्राओ से पौधो के दौरान पूछा कि आप लोगो ने कोविड-19 वैक्सीन लगवा ली है। तब छात्रो ने कहा सभी छात्रों द्वारा वैक्सीन लगवा ली गई है। उन्होने कहा कि एनएसएस और एनसीसी के छात्र अपनी सेवाएं जनहित में देते है। इसलिए कॉलेज परिसर में रोपे गये पौधों की भी रक्षा करें।
कलेक्टर ने महाविद्यालय के मध्य में स्थित पौधे लगाने के नर्सरी और पूर्व में लगाये गये पौधों को देखा। साथ ही प्राचार्य डॉ एसडी राठौर को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में लगाये गये पौधो की सराहना की। उन्होने कहा कि कॉलेज के मध्य में लगाये गये पौधे छात्रों को शुद्ध वायु प्रदान करने में सहायक होगे। साथ ही महाविद्यालय में आने वाले छात्रों को पढने में शुद्धता का वातावरण मिलेगा। कलेक्टर ने महाविद्यालय के क्लासरूमों का निरीक्षण कर बाढ़ से क्षति आदि से आये पानी के बारे में जानकारी ली। तब प्राचार्य डॉ राठौर ने बताया कि बाढ़ से महाविद्यालय की कक्षाओं और बिल्डिंग में नुकसान हुआ है। वायरिंग खराब हो गई है। जिसको नये सीरे से लगवाने का कार्य कराया जावेगा। साथ ही छत से पानी आने पर लाइब्रेरी, प्रयोगशाला आदि में हुए नुकसान की भरपाई करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी। साथ ही नये कम्प्युटर लगाये जाकर महाविद्यालय की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाया जावेगा।
कलेक्टर ने प्राचार्य के चेंबर में बैठकर महाविद्यालय की व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने की दिशा में चर्चा की। साथ ही खेल मैदान, बच्चों की क्लास, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला की व्यवस्था की जानकारी ली। तब प्राचार्य डॉ राठौर ने बताया कि कॉलेज की एक साइट में बाउडीबाल कराई जानी है। कॉलेज परिसर में बरसात का पानी भर जाता है। वर्तमान में छात्रो की एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है। 50 प्रतिशत की उपस्थिति के साथ 15 सिंतबर से कॉलेज की कक्षाएं प्रारंभ की जावेगी। उन्होने कहा कि कॉलेज परिसर में पीछे से कुछ असामाजिक तत्व कूद आते है। जिनको रोकना आवश्यक है। इसी प्रकार महाविद्यालय के प्रांगण में से सडक किनारे नहर तक पानी की निकासी के लिए डेने सिस्टम सुधारने की आवश्यकता है। कलेक्टर ने कॉलेज की व्यवस्थाओं को ओर अधिक प्रभावी बनाने का आश्वासन दिया। साथ ही महाविद्यालय के पीछे संचालित कन्या विद्यालय से बाईपास की ओर रोड निकालने के बारे में भी चर्चा की।

पौधा रोपण कार्यक्रम में डीएफओ सामान्य वनमंडल  सीएस चौहान, अपर कलेक्टर  टीएन सिंह, प्राचार्य पीजी कॉलेज डॉ एसडी राठौर, सहायक संचालक जनसंपर्क  जेपी राठौर, एसडीओ वन  डीएस चौहान, एवं महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ ओपी शर्मा, प्रोफेसर  अरविन्द कुमार दौहरे,  महाराज सिंह धाकड,  एसएन शर्मा, डॉ रमेश भारद्वाज, डॉ सुभाषचंद अन्य प्रोफेसर, व्याख्याता, एनएसएस एवं एनसीसी के छात्रो ने 245 पौधे बडे पैमाने पर लगाये।