नक्षत्र वाटिका अध्यात्म एवं पर्यावरण का अद्भुत संगम- प्रोफेसर रामानंद शर्मा

भिण्ड.ShashikantGoyal/ @www.rubarunews.com>> जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भिंड से 25 किलोमीटर दूर फूंप थाने के अंतर्गत ग्राम छूछरी में कुंवारी नदी के किनारे खेड़ापति नक्षत्र वाटिका 10 माह पूर्व बनाई गई थी लेकिन वर्तमान में आई बाढ़ के कारण भूमि में कटाव होने से अधिकतर वाटिका नष्ट हो गई थी लेकिन इसकी जन्माष्टमी पर पुनर्स्थापना की गई वही नेहरू युवा केंद्र के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर आशुतोष शर्मा नंदू ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर जन्म नक्षत्र का पौधा जामुन का रोपण किया। कार्यक्रम में मुख्य रुप से प्रोफेसर रामानंद शर्मा ने बताया कि नक्षत्र वाटिका में लगाए गए प्रतेक पौधे वातावरण में शुद्धि का कार्य करते हैं नक्षत्र वाटिका अध्यात्म एवं पर्यावरण का अद्भुत संगम है दुनिया में जितनी भी जीवधारी हैं वह सभी कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से देखें की वृक्ष ऐसे जीव है जो प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं जिससे समस्त जीवो का जीवन यापन होता है वही आज मानव ने अपने स्वार्थ बस प्रकृति का इतना दोहन किया है कि उसका संतुलन ही पूरी तरह बिगड़ गया है और इसी असंतुलन के कारण आज प्रकृति ने हमें बताया है और कोरोना जैसी भयंकर त्रासदी  में केबल मानव ही प्रभावित हुआ है अत: अब समय आ गया है कि हम सभी को मिलकर पर्यावरण को बचाने के लिए एकजुट होकर पहल करनी चाहिए और जगह जगह पर वृक्षारोपण हो ऐसे प्रयास करने चाहिए।