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नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन के विषय पर जमकर बोले विधायक शर्मा

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन के विषय पर अनुदान की मांग संख्या 39 के तहत बूंदी नगर परिषद की हालात सुधारने की पुरजोर मांग की। विधायक शर्मा ने सदन में कहा की पूर्ववर्ती सरकार के समय बूंदी नगर परिषद सहित पूरे प्रदेश में अनेक ऐतिहासिक विकास कार्य स्वायत्त शासन विभाग द्वारा किए गए हैं जो वर्तमान सरकार आने वाले 10 सालों में भी नहीं करवा सकती। बूंदी नगर परिषद में बिना ऋण के स्वायत्त शासन विभाग द्वारा अनेक करोड़ रूपये के विकास कार्य करवाए गए जो आज बूंदी की जनता के सामने हैं! लेकिन दुर्भाग्य की बातें की वर्तमान सरकार के 2.5 वर्ष पूर्ण होने में आए लेकिन एक भी विकास कार्य के लिए कोई नया पैसा इस विभाग द्वारा बूंदी नगर परिषद को नहीं दिया गया। कर्मचारियों की हालात, सफाई व्यवस्था, सिवरेज व्यवस्था सहित सभी व्यवस्थाओं के हालात बहुत खराब है। पूरे प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के समय ऐतिहासिक पेट वित्त किए गए लेकिन इस सरकार ने केवल आवेदन लिए हैं और नाम मात्र के पट्टे वितरित किए हैं और यही हालात बूंदी नगर परिषद की है मात्र 305 पटटे इन 2.5 के कार्यकाल में बूंदी नगर परिषद द्वारा दिए गए हैं!
साथ ही शर्मा ने बजट घोषणा में की गई बूंदी शहर की सड़कों व विभिन्न विकास कार्यों के लिए कहा कि यह वह विकास कार्य हैं जो हुडको के प्लान की सूची में शामिल थे! शर्मा प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों की स्वीकृत राशि एवं उसमें से खर्च की गई राशि के आंकड़े भी सदन में रखें।
93 लाख पेंशन लाभार्थियों की पेंशन न को लेकर विधानसभा गरजे बूंदी विधायक
बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से प्रदेश के लगभग 93 लाख पेंशन लाभार्थियों के लिए पेंशन को लेकर पुरजोर आवाज उठाई! शर्मा ने सदन में कहा कि  गत 4 माह से पेंशन लाभार्थियों को अपनी पेंशन नहीं मिली रही और सरकार के घोषणा पत्र में प्रतिवर्ष 15% राशि बढ़नी थी वह नहीं बढ़ाई गई 2 साल होने के बावजूद भी पेंशन लाभार्थियों को मात्र ₹1250 की राशि मिल रही है! वह भी प्रतिमाह नहीं आ रही है। शर्मा ने सदन में कहा  कि यह सरकार बड़ी-बड़ी बातें करती है लेकिन जिन पेंशनधारियों का जीवन उनकी पेंशन राशि से चलता है उनकी भी समय-समय पर यह सरकार पेंशन नहीं डालती है और इससे उनके जीवन व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो जाती!
मंत्री अविनाश गहलोत जी ने प्रति उत्तर देने का प्रयास किया लेकिन वह जवाबदेही प्रति उत्तर देने में असफल रहे!