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मनरेगा, SIR में धाधली, वृद्धावस्था, विकलांग, पालनहार व विधवा पेंशन, गौमाता अनुदान, खाद्य सुरक्षा योजना को लेकर विधानसभा में गरजे – विधायक शर्मा

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- राजस्थान विधानसभा में बूंदी विधानसभा क्षेत्र सहित प्रदेश स्तर के मुद्दों को विधानसभा में पुरजोर तरीके से अपनी बात रखते हुए बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राजस्थान में मनरेगा, SIR में धाधली, वृद्धावस्था, पालनहार विकलांग, एकलनारी व विधवा पेंशन, गौमाता अनुदान, खाद्य सुरक्षा योजना जैसे बड़े मुद्दों के संबंध में पुरजोर तरीके से आवाज उठाई! शर्मा ने मनरेगा को लेकर कहां की राजस्थान सरकार पर 7.26 लाख करोड़ का कर्ज है और हर वर्ष 40000 करोड़ ब्याज के देने पड़ते हैं और अब राज्य सरकार अगर मनरेगा पर 40% पैसे वहन करेगी तो 2000 से 3000 करोड़ का अलग से भार पड़ेगा! सरकार ने 125 दिन का रोजगार देने की बात कहिए लेकिन अभी तक कोई भी सरकार लगभग 70 से 80 दिन से अधिक रोजगार नहीं दे पाई और 12 महीने से 10 महीने नई मनरेगा योजना में कर दिए गए हैं तो 125 दिन रोजगार देना संभव ही नहीं है। महात्मा गांधी जो लगभग पूरे विश्व के 110 से अधिक देशों में उनकी प्रतिमा लगी हुई है उनका नाम हटाने के लिए इस सरकार ने भगवान राम के नाम का इस्तेमाल किया। एसआईआर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद केंद्र सरकार की सह पर पूरे राजस्थान में लाखों की संख्या में एक ही कंप्यूटर से टाइप शुदा फॉर्म नंबर 7 जो गरीब मतदाताओं के नाम के फर्जी फॉर्म थे उनका हर विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ को एक साथ दिया गया! मेरे बूंदी विधानसभा क्षेत्र में लगभग 5000 फॉर्म फर्जी दिए गए जो जिंदा मतदाता है उनको भी मृत बता दिया गया! सरकार ने रोंगियों व बांग्लादेशी को बाहर निकालने के लिए यह ऐसा है प्रक्रिया चलाई लेकिन पूरे सदन को बता दूं कि 2004 से 2014 के बीच डॉक्टर मनमोहन सिंह जी के कार्यकाल में भारत से 80000 के लगभग बांग्लादेशी व रोगियों को निकाला गया और यह सरकार मात्र 2015 से 25 तक के बीच मात्र 12000 रोगियों को बाहर निकल पाई!
शर्मा ने वृद्धावस्था , विकलांग एकल नारी पालनहार व विधवा पेंशन के बूंदी जिले का आकडा बताते हुए पूरे राजस्थान में लगभग 91 लाख लाभार्थियों की 4 – 5 महीने की पेंशन भी सरकार दे नहीं पायी और इस कारण गांव में यह लाभार्थी हमारे पास आते हैं और डर-डर की टोकरे खाने के लिए मजबूर है। पूरे राजस्थान में 1671 मान्यता प्राप्त गौशालाएं जिसमें कुल 7 लाख 63 हजार गोवश है उनका अनुदान भी सरकार दे नहीं पाई और भारतीय जनता पार्टी एवं सरकार के नेता गोभक्त बनने का नाटक करते रहते हैं। शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान गौ मांस विक्रेताओं से भारतीय जनता पार्टी के नेता चंदा वसूल करते हैं! यह कृत्य उत्तर प्रदेश में भारी मात्रा में देखने को मिला! शर्मा के बोलने के दौरान सरकार के पूरे मंत्री खड़े होने को मजबूर हुए।