भारत की तरह यह तीन करोड़ की आबादी वाला पड़ोसी देश भी बेहाल है कोरोना की दूसरी लहर से

नईदिल्ली.Desk/ @www.rubarunews.com-कोरोना की दूसरी लहर भारत मे ही नही उसके अन्य पड़ोसी देशों में भी कोहराम मचा रहा है। एक और जहाँ भारत मे प्रत्येक दिन 4लाख मामले आरहे है वहीँ भारत के पड़ोसी देश नेपाल में कोरोना की दूसरी लहर जानलेवा साबित होरही है। 3 करोड़ की आबादी वाले इस छोटे से देश मे पिछले माह तक सिर्फ 100 करीब केस ही आरहे थे पर अगले ही महीने 10000 करीब नए मामले सामने आए है। जिसके कारण नेपाल की स्वास्थ व्यवस्था चरमरा गई है। हाल ही के हफ़्तों में कोरोना के मामले इतने बड़े है कि सोमवार के बाद से ही 24 घंटे में संक्रमण के 9,127 नए मामले और 139 मृत्यु के मामले सामने आए थे, जिससे की कुल संक्रमितों की संख्या 4 लाख 73 हजार से भी ज्यादा है और अब तक नेपाल में 4000 से ऊपर मृत्यु होचुकी है।

नेपाल में गड़बड़ाती स्वास्थ सेवाएं~
नेपाल के अधिकतम हिस्सों में लॉक डाउन होने के बाद भी कोरोना की दूसरी लहर नेपाल में भी युवाओं को अपनी चपेट में ज्यादा ले रही है। लगभग हर घर मे एक संक्रमित मौजूद है , नेपाल के लोग एक और कोरोना तो दूसरी और अस्पताल में इलाज मिलने एवँ सांस लेने में मुश्किल के कारण ऑक्सीजन की कमी से भी लड़ रहे है। सेकड़ो में होरही कोरोना की मृत्यु के बाद काठमांडू में श्मशान घाट में बाहर शवो की लाइन लग रही है।

3 करोड़ की आबादी वाले नेपाल में महज 1,595 इंटेंसिव केयर बेड और 480 वेंटिलेटर मौजूद हैं और देश भर में 86426 संक्रमित आइसोलेटेड है जिन्हें भी स्वास्थ सेवाय नही मिल पा रही है।
देश के 77 जिलों में से 22 जिलों में बेड ओर ऑक्सीजन की कमी है।

नेपाल में कैसे बढ गई कोरोना के इतने मामले~
भारत की तरह नेपाल में भी धार्मिक, राजनीतिक और शादी समारोह के कारण कोरोना की रफ्तार तेज होगई ।
लोगो ओर सरकार की लापरवाही ओर विफलता के करण कोरोना ने घातक रूप ले लिया।
नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नेपाल में स्थिति बेकाबू हो रही है, बयान में कहा की “संक्रमण के मामले इतने बढ़ गए हैं कि हेल्थ सिस्टम के नियंत्रण से बाहर जा चुके हैं, अस्पतालों में बेड मुहैया कराना मुश्किल हो गया है।”

नेपाल में वैक्सीनशन कई दर भी काफी कम है केवल 7 .2 % लोगो को ही वैक्सीन लग पाई हैं। और कई कोरोना मरीजों की मृत्यु इसलिए हुई क्योंकि उन्हें सही वक्त पर ऑक्सिजन उपलब्घ नही हो पाई थी ।
कोरोना से बेहाल नेपाल में सराकरी के साथ अब प्राइवेट अस्पतालों में भी ना बेड है ना ऑक्सिजन और ना ही पूर्ण स्वास्थ सेवाएं।