शादी डॉट कॉम में फर्जी प्रोफाइल बनाकर साइबर ठगी करने वाले अन्तर्राष्ट्रीय गिरोह गिरफ्तार

भिण्ड.ShashikantGoyal. @www.rubarunews.com>> पुलिस अधीक्षक मनोजसिंह कुमार ने  प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारेां को बताया की अन्तर्राष्ट्रीय गिरोह में एक विदेशी नागरिक और 4 उत्तरप्रदेश के निवासी हैं। जिनसे पूछताछ करने पर अपने नाम जान जुलिओस 35 वर्ष निवासी इकोई लेगोस नाइजीरिया हाल नोएडा यूपी,  किशन कुमार 25 वर्ष रतन पुर गढिय़ा अजीतमल औरैया उत्तरप्रदेश, आकाश कुमार 21 वर्ष गिरधारीपुर अजीतमल औरैया उत्तरप्रदेश, विक्रांत सिंह 31 वर्ष डिबियापुर औरैया उत्तरप्रदेश, बोबी देवल 24 वर्ष रतन पुर गढयि़ा अजीतमल औरैया उत्तरप्रदेश बताया है। उक्त आरोपियों के पास से 18 मोबाइल जोन, 33 मोबाइल सिम 28 एटीएम, 14 खाली चेक, 1 लैपटॉप, 1 हार्ड डिस्क, 1 राऊटर, 1 चारपहिया गाडी वाहन बरामद किया है। एसपी ने सभी पत्रकारों के सामने पूरे मामले का खुलासा किया।

 

यह है पूरा मामला

एक फरियादिया निवासी भिंड  ने भिंड पुलिस अधीक्षक के नाम एक शिकायत दर्ज कराई की जीवनसाथी डॉट कॉम में एक प्रोफाइल जो हिमांशु राजपूत के नाम पर थी की रिक्वेस्ट आयी, समान विचार मिलने के कारण उसकी बातचीत शुरू हुई और कुछ दिनों में ही वह विदेश से भारत मिलने के लिए आते समय हवाईअड्डे पर कस्टम डिपार्टमेंट द्वारा सामान ज्यादा होने के कारण रोक लिया गया है उसके पास भारतीय करेंसी नही है यदि कुछ पैसे दे दे तो उसे छोड़ दिया जायेगा। इस तरह छलपूर्वक अलग अलग खातों में अलग अलग समय पर कुल 4.85 लाख रुपये जमा कराये बाद में कुछ शंका होने पर संपर्क ख़त्म कर लिया। फरियादिया की शिकायत पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 289/21 420 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। जिसके बाद मामले की पड़ताल शुरू हो गई।

 

विदेशी युवक गिरफ्तार

प्रारंभिक जांच में पाया गया की फरियादिया ने जिन खातों में पैसे आरोपी को दिए उन खातो से तत्काल ही पैसे निकाल लिए गये और दुसरे खाते से तीसरे खाते और तीसरे से चौथे खाते से होते हुए पांचवे खाते से पैसे कैश के रूप में नोएडा से निकाल लिए गये यह कार्यवाही केवल एक घंटे में हुई जिससे अपराधी के शातिराना अंदाज और सजग होने का अंदेशा हुआ तमाम जांच के बाद पुलिस इस नतीजे तक पहुंची कि उपरोक्त सभी खातों का नियंत्रण एक ही व्यक्ति के पास हो सकता है सभी खातों की गहन जांच उनके लेनदेन की बारीकी से जानकारी लेने पर पाया गया की कुछ पैसा औरैया के किशन कुमार ने भी चेक के माध्यम से निकाला है तत्काल ही इनके गाँव एक टीम भेजकर इनकी शोहरत रहनसहन पता किया गया जो संदेहास्पद प्रतीत हुआ सभी को निगरानी में लिया गया एवं तकनीकी सहायता भी ली गई। और अन्य टीमें रवाना की गयी सात दिनों तक बदायूं हल्द्वानी रामपुर अमरोहा गाजियाबाद नोएडा दिल्ली किशनगढ़ औरैया आदि स्थानों पर 16 सदस्यीय टीम ने छानबीन से पाया गया की इस प्रकरण की जड़ें गहरी हैं और देशभर से जुड़ी हुई हैं, मास्टर माइंड कोई विदेशी है अपराध फरियादिया) हिमांशु राजपूत (जीवनसाथी डॉट कॉम फर्जी प्रोफाइल) विदेश से भारत आने पर एअरपोर्ट पर फसना) कस्टम विभाग द्वारा रोका जाना अलग अलग खातों में पैसे डलवाना ) शंका होने पर संपर्क समाप्त कर दिया।

 

साइबर संसाधनों की मदद से आरोपियों की हुई पहचान

इस प्रकरण में जो नाम आये उनमे किशन कुमार जो औरैया का रहने वाला है अपने भाई बोबी के साथ मिलकर भोलेभाले गांववालों के खाता नंबर एटीएम पासवार्ड पासबुक चेकबुक आदि की व्यवस्था करता है जिसके एवज़ में 20त्न की राशि कुल फ्राड की मिल जाती है वह नेपाली निवासी करन जंग शाही को दे देता था जिसमें उसका भाग 15 प्रतिशत का होता था करन नेपाली किसी विदेशी नागरिक को दे देता है जो लगभग 50-60 प्रतिशत भाग रखता है शेष राशि खाता धारक को दे दी जाती थी सभी संदिग्धों के नंबर और अन्य साइबर संसाधनों की मदद से आरोपियों की पहचान की गयी। फरियादिया बलबहादुर केनरा बैंक सालेम आईसीआईसीआई बैंक) किशन कुमार आईसीआईसीआई बैंक मिथलेश राय फेडरल बैंक कैश निकाला गया।

 

इनकी रही सराहनीय भूमिका

उक्त कार्यवाही में डीएसपी मोतीलाल कुशवाहा, टीआई विनोद कुशवाहा, एसआई दीपेन्द्र सिंह, एसआई शिवप्रताप सिंह, एसआई अजय सिंह, एसआई नागेश शर्मा, एएसआई सत्यवीर सिंह, आर. राहुल यादव, प्रधान आरक्षक महेश कुमार, आर. हरपाल सिंह, आर. रोहित जाट, प्रधान आरक्षक जीतेन्द्र, प्रधान आरक्षक सतेन्द्र यादव, आर. विक्रम आर. नवीन तोमर, महिला आरक्षक सरस्वती मालनपुर, आर. प्रमोद पराशर शामिल रहे। आरोपियों से अब तक की पूछताछ में जयपुर रांची दिल्ली की घटनाएं भी उजागर हुई हैं सम्बंधित जिलो को खबर की जा रही है शेष पूछताछ जारी है।