भारत ने ही दुनिया को सभ्यता-संस्कृति और शांति दी है- केंद्रीय विदेश मंत्री लेखी

आबू रोड/राजस्थान.Desk/ @www.rubarunews.com>> भारत ने ही दुनिया को सभ्यता- संस्कृति औैर शांति दी है। जिसके विचारों, मन और भाव में सुख नहीं है, वह दुनिया में क्या सुख बांटेगा। सुख पाने के लिए मन-मस्तिष्क का सही होना जरूरी है। राजयोग से हमारे मन-विचार सही होते हैं। उक्त उद्गार केंद्रीय विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने चार दिवसीय वैश्विक शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि राजयोग मन को, विचारों को सही करने का एक रास्ता है। सबकुछ व्यक्ति के मन-मस्तिष्क में घट रहा है, इसलिए मन-मस्तिष्क का सही होना जरूरी है। शांति के लिए राजयोग एक हिस्सा है। समाज में व्याप्त बुराइयां व्यक्ति के दिमाग की उपज हैं। रक्षा, सुरक्षा, चिकित्सा जो भी शब्द शक्ति से भरपूर हैं वह कहीं न कहीं नारी शक्ति से जुड़े हैं। हमारी मूल सभ्यता-संस्कृति शांति की रही है। चारों ओर शांति होगी, सबका भला होगा तो उसमें ही हमारा सुख और शांति है। उन्होंने मीडिया से आह्नान किया कि जब बुराई दिखाना जरूरी है तो जो लोग समाज में भला काम कर रहे हैं वह दिखाना भी जरूरी है, ताकि लोग अच्छे कार्य से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सकें। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्थान में बहनों की खुले दिल से तारीफ की। समाज की सेवा में जुटी ब्रह्माकुमारीज एकमात्र ऐसी संस्था है जो महिलाओं द्वारा चलाई जा रही हंै। हमारे वेदों में भी महिलाओं को समाज की ऋचाओं को लिखने का कार्य, गुरु होने का उल्लेख किया है। आजादी की लड़ाई में भी साधु-संत, महात्माओं का योगदान रहा है।

सभी को खुशी बांटते रहें: दादी रतनमोहिनी
संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने कहा कि शांति के सागर, सुखदाता परमपिता शिव परमात्मा के घर में विश्वभर से पधारे सभी भाई-बहनों का स्वागत है। स्वर्णिम भारत की एक झलक देखने के लिए आज पूरा विश्व आतुर है। हम सभी एक परमात्मा की संतान आपस में भाई-बहन हैं।
इन्होंने ने भी व्यक्त किए अपने विचार-

योग-अध्यात्म से आएगी दुनिया में शांति- रंजन गोगोई
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और राज्यसभा सांसद न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने कहा कि ब्रह्माकुमारीका वंडलफुल आर्गेनाइजेशन है। यहां से लोगों को मूल्य, सभ्यता, संस्कृति, योग, आध्यात्म की शिक्षा दी जा रही है। आज के युग में ऐसे कार्यों की बहुत जरूरत है। ब्रह्माकुमारी का कर्मयोग में विश्वास रखती है। यहां से प्रैक्टिकल में समाज को ज्ञान दिया जा रहा है। योग से ही दुनिया में बदलाव आएगा। योग-आध्यात्म से ही दुनिया में शांति आएगी। यहां से आत्मा के ज्ञान द्वारा दुनिया को शांति का संदेश दिया जा रहा है।

हमारा संस्कार है अहिंसा परमो धर्म– मंत्री यादव
विशिष्ट अतिथि के तौर पर आये हरियाणा सरकार में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ओम प्रकाश यादव ने कहा कि मानव सेवा, गरीब की सेवा, गौसेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है। कोरोना काल में जहां उन्नतशील देश घबरा गए थे वहीं भारत वर्ष ने सबसे पहले कोरोना वैक्सीन की खोज की। हमारे संस्कारों में मानवमात्र के कल्याण का भाव रहा है। इसी उद्देश्य को लेकर ब्रह्माकुमारी भाई-बहनों देश के कोने-कोने में इस मिशन को चला रहे हैं। यहां की शांति, सुंदरता और सफाई अद्भुत है।

हम सबका सम्मान करते हैं: दर्डा

मुंबई से आए लोकमत समूह के अध्यक्ष विजय दर्डा ने कहा कि विश्व में केवल भारत और भारतीय संस्कृति ही ऐसी है जो विश्व शांति ला सकती है। हम सबका सम्मान करते हैं, यही हमारी खूबी है। हमारी बात एक दिन जरूर विश्व में सुनी जाएगी और विश्व में शांति और भाईचारे का माहौल होगा। ब्रह्माकुमारीज महिलाओं द्वारा संचालित महिलाओं की संस्था है। यदि हमारे घरों की बागडोर भी बहनों के हाथ में हो तो कितना सुंदर संचालन हो सकता है यह सीखना है तो ब्रह्माकुमारीज सबसे श्रेष्ठ उदाहरण है। ब्रह्माकुमारी बहनों की तरह चमकें और अपने मन को उदार बनाएं।

पुणे के पीपुल्स मूवमेंट फॉर ग्रीन इंडिया के अध्यक्ष रवींद्र धारिया ने कहा कि हमारी धरती ने हमेशा हमें देना सिखाया है। यही हमारी संस्कृति की विशेषता और खूबी है। हेतरो ग्रुप के चैयरमेन डॉ. बंदी पार्थसारथी रेड्डी, महासचिव बीके राजयोगी निर्वैर, संस्थान के कार्यकारी सचिव डॉ. बीके मृत्युंजय तथा ने राजयोग मेडिटेशन की गहन अनुभूति कराई।प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री अशोक गहलौत ने भेजा संदेश:
इस सम्मेलन की सफलता के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी ने सफलता के लिए संदेश भेजा तथा मुख्यमंत्री अशोक गहलौत ने भी अपनी शुभकमनायें भेजी है। कार्यक्रम का संचालन बीके शिविका ने किया।