गौरी सरोवर में एक दर्जन से अधिक गंदे नालों का जा रहा पानी, फिर भी नगर पालिका नहीं दे रही ध्यान

भिण्ड.ShashikantGoyal/ @www.rubarunews.com>> शहर के गौरी सरोवर को पर्यटक स्थल बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरा दमखम झौंकने में लगा हुआ है लेकिन गंदगी मुक्त बनाने के लिए फिलहाल किसी का ध्यान नहीं है लंबे समय से गौरी सरोवर में एक दर्जन से अधिक शहर के गंदे नालों का पानी छोडा रहा है जिस पर रोक लगाने के लिए किसी का ध्यान नहीं हैं जबकि इस पर रोक लगाने के लिए लंबे समय से मांग उठ रही है अधिकारी इस ओर ध्यान न देकर गौरी सरोवर पर कई सपने लोगों को दिखाने में लगे हुए है जैसे वाटर स्पोट्स से जुडी कैनो कायकिंग, ड्रैगन वोट, नौकायन आदि प्रतियोगिताएं, पर्यटक स्थल बनाने के लिए कई अधिकारी यहां पर हाथों नक्शा लिए घूमते हुए नजर आते है। इस समय गौरी सरोवर मेंं गंदगी की साफ-सफाई को लेकर किसी का ध्यान आकर्षित नहीं है गंदगी के चलते इसमें विभिन्न प्रजातियों की पल रही मछलियां के मरने की स्थिति बनने लगती है। जिसके बाद आसपास के इलाकों में दुर्गंध पहुंचने से लोगों को परेशानी का सामना करना पडता है। इन दिनों तालाब में मछलियां मर रही हैं। इससे प्रतिदिन मछलियों को दाना डालने वाले लोग व्यथित होकर रह जाते हैं। इस प्रकार के हालातों में तभी सुधार हो सकता है जब सरोवर में नालों के जरिए पहुंच रहे गंदे पानी को पूरी तरह से रोका जाए। गौरी सरोवर पर कई मंदिर है जहां लोगों का हमेशा पूजा-पाठ करने के लिए आना जाना रहता है। गंदगी की बजह से उनकी आस्था को ठेस पहुंचती है जिस पर भी अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए। वर्षाकाल शुरू होने से पहले नगर पालिका द्वारा शहर के बडे-बडे नालों की साफ. सफाई तेजी से कराई जा रही है। इस कार्य के प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों का सहयोग भी लिया जा रहा है। लेकिन इन नालों का पानी गौरी सरोवर में जाने से रोके जाने के लिए कोई प्रबंध नहीं कराया गया है। इस कारण गौरी सरोवर में गंदगी कम होने की जगह बढ रही है।

 

नाले की साफ.-सफाई कराई गई, लेकिन गंदे पानी पर रोक नहीं

बरसात होने से पहले विगत दिनों प्रशासन, पुलिस के सहयोग से नगर पालिका के अमले द्वारा पिछले दिनों वीरेंद्र नगर, आर्य नगर की ओर निकले नाले की साफ. सफाई कराई गई। इस कार्रवाई के दौरान सालों से चले आ रहे उन अतिक्रमण को भी हटवाया गया जिनसे पानी की निकासी में अवरोध उत्पन्न होने लगा था। इसी प्रकार बीटीआई रोड पर कभी गौरी सरोवर में पानी भरने के लिए बनाया गया बंबा से निस्तार का गंदा पानी गौरी सरोवर में आने लगा है। धर्मपुरी और नई आबादी इलाके से गंदा पानी गौरी सरोवर में ही समाकर उसे दूषित कर रहा है।

गौरी सरोवर से जुड़ी है कई लोगों की आस्थाएं

शहर के गौरी सरोवर के किनारे शिव मंदिरों की लंबी श्रंखला है और गौरी मां पार्वती का दूसरा नाम है। इसलिए यह लोगों का आस्था का केंद्र है। इसकी साफ. सफाई कराए जाने और गंदे नालों का पानी रोके जाने की मांग लंबे समय उठ रही है। पिछले सालों में सरोवर की परिक्रमा का सिलसिला भी चला था। गायत्री परिवार द्वारा सरोवर पर चुनरी उडाने का कार्यक्रम किया गया था। पूजन और आरती जैसे कार्यक्रम होते रहते हैं। इसके बाद भी सरोवर गंदगी से मुक्त नहीं हो सका है।

 

दूषित पानी की बजह से दम तोड़ती है रोजाना मछलियां

गौरी सरोवर में गंदगी के चलते इसमें विभिन्न प्रजातियों की पल रही मछलियां के मरने की स्थिति बनने लगती है। तब आसपास के इलाकों में दुर्गंध पहुंचने से लोगों को परेशानी का सामना करना प?ता है। इन दिनों तालाब में मछलियां मर रही हैं। इससे प्रतिदिन मछलियों को दाना डालने वाले लोग व्यथित होकर रह जाते हैं। इस प्रकार के हालातों में तभी सुधार हो सकता है जब सरोवर में नालों के जरिए पहुंच रहे गंदे पानी को पूरी तरह से रोका जाए।

इनका कहना है:

सरोवर में नालों का पानी रोकने लिए नए नालों का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। उम्मीद है कि इस समस्या से लोगों को जल्द मुक्ति मिल जाएगी और गौरी सरोवर पहले की तरह साफ  और स्वच्छ बन सकेगा।

-सुरेंद्र शर्मा, सीएमओए नपा भिण्ड