अवैध रेत के डंपर बन रहा हादसे का वजह– प्रशासन बना मूक दर्शक और लुटेरे कर रहे रखवाली

  भिण्ड.ShashikantGoyal/ @www.rubarunews.com>> जिले में चल रहे अवैध रेत खनन और परिवहन के कारोबार में अब तक जिला प्रशासन ने नाकामी ही पायी है। रेत माफिया पास की नदी से रेत भरकर सड़कों पर डंप कर देते हैं जिसके बाद वहां से बड़े वाहन ओवरलोड रेत भरकर दूसरे राज्यों में मंहगें दामों में बेच रहे हैं। जिसका खामियाजा राज्य सरकार को भुगतना पड़ रहा है। जिला प्रशासन भले ही जनता को गुमराह कर वाह-वाही लूटने का काम कर रहा हो लेकिन शहर के रसूखदार आज भी रेत की चपेट से वंचित नही है रोजाना सैकड़ों की संख्या में अवैध रेत से भरे डंपर, ट्रक अवैध परिवहन करते देखे जा सकते हैं। ये वे लगाम दौड़ते डंपर, ट्रक, ट्रेक्टर रात में किसी न किसी के परिवार का दीपक बुझा देते है और समाज के वही लुटेरे शोक संवेदना ब्यक्त करने शोकाकुल परिवार में पहुंच कर सेल्फी ओर झूठा दिखावा करने पहुंच जाते है। पॉवर मेक कम्पनी भले ही रॉयल्टी की रसीद से बाहनों को बाहर आने जाने के लिए परमीशन दे रही हो लेकिन ओवर लोड रेत को निकालने के लिए कोई भी नियम नही बना पाई है। आज भी भारौली लहार फूप मेहँगाव के मुख्य रास्ते पर डंप रेत बीच सड़क पर पड़ा हुआ देखा जा सकता है।

रेत माफियाओं ने बनाई नई नीति

रेत खनन माफियाओं ने नई योजना बनाई है रेत माफिया नदियों से ट्रेक्टरो  में रेत भरकर बरही टोल के समीप डंप कर रहे हैं जिसके बाद डंप हुए रेत को ट्रकों और डम्फरों में ओवरलोड रेत भरकर मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश राज्य की सीमा उदी जाकर बेचा जाता है। ये रेत माफिया एक ट्रक पर दुगुना मुनाफा वसूल रहे हैं। इस तरह ये रेत कम्पनी के साथ-साथ शासन को भी करोड़ों रूपये की चपत लगा रहे हैं। बरही टोल पर डंप रेत पर प्रशासन ने शीज करने की कोई कार्यवाही नहीं की है।