मां बेटी बचाओ तिराहे पर जिम्मेदार शाम को उतारना भूले तो रातभर फहरता रहा तिरंगा झंडा

-सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडिय़ो तो आधी रात 1 बजे उतारने पहुंचे अधिकारी

भिण्ड। गणतंत्र दिवस के अवसर पर बुधवार को राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसको दिन अस्त होने के पूर्व ही उतारना था। लेकिन जिम्मेदार उतारना भूल गए और तिरंगा अंधेरे के बीच रातभर फहरता रहा। अटेर रोड पर स्थित ”मां बेटी बचाओ तिराहे परÓÓ गणतंत्र दिवस पर बुधवार को राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसको दिन अस्त होने के पूर्व ही उतारना था। लेकिन जिम्मेदार उतारना भूल गए और तिरंगा अंधेरे के बीच रातभर फहरता रहा। जब इस पर नजर स्थानीय लोगों की पड़ी तो उन्होंने मीडिया को अवगत कराया, जिसके बाद जिसके बाद रात के समय तिरंग मां बेटी बचाओ चौराहे से कैद किया गया और अधिकारियों को अवगत कराया तो रात करीब 1 बजे तिरंगा उतारा गया। इस संबंध में जब नगर पािलका सीएमओ सुरेन्द्र शर्मा से जानकारी के लिए फोन किया गया तो उन्होंने रिसीब करना जरुरी नहीं समझा, क्योंकि यह अधिकारी हमेशा ही कर्तव्यों के प्रति लापरवाह रहे हैं जिसके बाद भी उन्हें उत्कृष्ट कार्य करने के लिए कलेक्टर द्वारा सम्मानित भी किया जाता है।
एसडीएम बोले मैं दिखवाता हूं क्या है मामला
इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं है अगर किसी के द्वारा इस तरह की लापरवाही की गई तो कार्रवाई की जायेगी, मैं सीएमओ से बात करता हूं किसके द्वारा यह तिरंग फहराया गया था और इस तरह की चूक कैसे हो गई। जबकि नियमानुसार ध्वजारोहण पश्चात सूर्यास्त के पूर्व राष्ट्रीय ध्वज को उतारा जाना चाहिए, परंतु यहां पर ध्वजारोहण करने वाले इस नियम को भूल गए। जिसका परिणाम यह रहा कि राष्ट्रीय ध्वज सूर्यास्त के बाद भी उतारा नहीं गया।
तिरंगे का कई लोगों ने रात के समय बनाया वीडियो
बुधवार-गुरुवार रात शहर के अटेर रोड पर मां बेटी बचाओ चौराहे पर राष्ट्रीय ध्वज लहराता रहा। इन दिनों सर्दी का मौसम है इसलिए अधिकारियों को भी ठंड लग गई और तिरंग उतरना भूल गये। देर रात जब इस मार्ग से गुजरने वाले तथा चौराहे से नियमित रूप से आने वाले युवकों ने जब राष्ट्रीय ध्वज को रात में फहरे हुए देखा तो सभी को घोर आश्चर्य हुआ। थोड़ी ही देर में लोगों को समझ आ गया कि गणतंत्र दिवस के दौरान फहराया गया राष्ट्रीय ध्वज उतारा ही नहीं गया है। इस दौरान कई युवकों ने मोबाइल से इसका फोटो खींचकर शेयर भी किया।
यह है भारतीय ध्वज संहिता
गौरतलब हो कि भारतीय ध्वज संहिता में देश की राष्ट्रीय ध्वज (झंडा) को लेकर स्पष्ट नियम बनाए गए हैं, जिसमें राष्ट्रीय ध्वज का साइज, कपड़ा, स्थान से लेकर अन्य सभी नियम हैं। इन्हीं नियमें ध्वजारोहण के समय को लेकर भी स्पष्ट किया गया है कि सरकारी भवन पर झंडा रविवार और अन्य छुट्टियों के दिनों में भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही फहराया जाता है। केवल विशेष अवसरों पर इसे रात को भी फहराया जा सकता है। परंतु घोर लापरवाही के चलते नगर में देश के गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान हो गया।