सड़क खोदने के बाद तुरंत मरम्मत नहीं हुई तो होगी संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई – कलेक्टर
बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक शुक्रवार को जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला कलेक्टर ने पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों व संवेदकों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित के इन कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पाइपलाइन या अन्य कार्यों के लिए खोदी गई सड़क की कार्य पूरा होने के बाद तुरंत मरम्मत की जाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इस कार्य में लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सडक कटिंग का कार्य निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ही हो, इसका विशेष ध्यान रखा जावे।
जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हिंडोली-नैनवां, चाकन और गरडदा पेयजल परियोजनाओं में प्रगति बढ़ाने के लिए संबंधित संवेदकों को तुरंत निर्देशित किया जाए। वर्तमान में चल रहे कार्यों को भी गति दी जाए, ताकि आमजन को जल्द से जल्द पेयजल परियोजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं फील्ड में जाकर परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति का निरीक्षण करें।
जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अभी तक पेयजल व शौचालय की सुविधा नहीं है, वहां आवश्यक कार्यवाही कर तुरंत शत-प्रतिशत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य की नियमित रूप से साप्ताहिक बैठक में समीक्षा की जाएगी।
जिला कलेक्टर ने बारिश के मौसम के मद्देनजर पेयजल गुणवत्ता की नियमित जांच के निर्देश दिए, ताकि आमजन को मौसमी बीमारियों से बचाया जा सके और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो। उन्होंने जल प्रबंधन को लेकर प्रत्येक ग्राम पंचायत की बैठक में विस्तृत चर्चा करने को कहा। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों पर जमा होने वाले कीचड़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) रमेश देव, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता सुनील शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. सामर, महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक ऋचा चतुर्वेदी, परियोजना के अधिशाषी अभियंता महेश भट्ट सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
